इस घटना को हाथरस की घटना से जोड़ना पूरी तरह से गलत है। वाल्मीकि समाज हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है। जनता को बरगलाकर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन लोगों को चिन्हित कराया जा रहा है। आप भी पूरे मामले में गंदी राजनीति कर रही है। उसका एक-दो दिन में पर्दाफाश किया जाएगा। अगर वहां के लोगों कोई प्रशासनिक समस्या है तो उसका भी जल्द समाधान किया जाएगा।
- संजीव शर्मा, महानगर
अध्यक्ष भाजपा को मान लेना चाहिए कि प्रदेश में जाति विशेष को लोगों को निशाना बना कर प्रताड़ित किया जा रहा है और प्रदेश की सरकार उन्हें सुरक्षा व न्याय दिलाने में विफल साबित हो रही है। हाथरस की घटना के बाद एक समुदाय विशेष के लोगों में असुरक्षा का माहौल है। इससे साफ है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अब लोगों को भरोसा नहीं है।
- राकेश यादव, एमएलसी सपा
करहेड़ा में लग सकता है राजनीतिक पार्टियों का जमावड़ा
धर्मांतरण की घटना के बाद अब शासन-प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि धर्म परिवर्तन की घटना के बाद अब कई राजनीतिक दलों के नेता उनसे मिलने पहुंचेंगे। इसमें आप के बाद कांग्रेस, सपा, रालोद व अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने की खबर है। उधर, शासन की तरफ से जिला प्रशासन और पुलिस को बॉर्डर व करहेड़ा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी करने को कहा गया है।