मोनिका की दो बेटियां और एक बेटा है। पुलिस की मानें तो पिछले काफी समय से मोनिका अपने प्रेमी पवन से मिल रही थी। पेशे से कार पेंटर पवन अपने परिवार के साथ जाटव मोहल्ला, लोनी (गाजियाबाद) में रहता था। पवन भी शादीशुदा था।
यहां दिल्ली में उसने न्यू अशोक नगर स्थित हरिजन बस्ती में किराये का कमरा लिया हुआ था। दोनों अक्सर यहीं मिलते थे। 9 मार्च को मोनिका घर पर आधार कार्ड बनवाने की बात कर निकली थी। उसके बाद से वह नहीं लौटी। परिजनों ने 10 मार्च को सीलमपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी।
शामली में सोमवार दिन में पवन ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस को उसके पास से 20 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट और उसके पास से मिले सामान के आधार पर पुलिस ने पवन के पिता प्रभुदयाल को लोनी में उसकी मौत की सूचना दी।
नोट में पवन ने प्रेमिका की हत्या की बात लिखी थी, लेकिन मोनिका का शव बरामद नहीं हो पाया था। इधर, मंगलवार सुबह 11 बजे हरिजन बस्ती के मकान नंबर-64 स्थित पहली मंजिल पर पड़ोसियों को तेज दुर्गंध आई, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घर से सड़ी-गली हालत में मोनिका का शव बरामद किया। परिजनों ने उसकी शिनाख्त की।
सदमे में मोनिका व पवन के परिजन
मोनिका व पवन के परिजन दोनों की मौत की खबर के बाद सदमे में हैं। मोनिका के पति दीपक को जहां अपने बच्चों की चिंता सता रही है, वहीं पवन के परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है।
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि पवन ने 9 तारीख को ही मोनिका की हत्या कर दी थी। उसके बाद वह चला गया। कई दिन परेशान रहने के बाद उसने भी आत्महत्या कर ली। हरिजन बस्ती में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी छानबीन की जा रही है।