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Delhi NCR News: समालखा, हरियाणा के लिए उपयोगी गिरोह चलाकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से मोटी रकम ऐंठती थी महिला, सरगना समेत 3 गिरफ्तार

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- वीडियो को तोड़ मरोड़कर बनाते और फिर ट्रैफिक पुलिस वालों से वसूली करती थी सरगना स्नेहा मलिक
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
समालखा, हरियाणा निवासी स्नेहा मलिक (32) अपना गिरोह बनाकर दिल्ली ट्रैफिककर्मियों से उगाही करने में लगी थी। वह सिर्फ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ही अपना निशाना बनाती थी। उसके गिरोह के सदस्य ट्रैफिककर्मियों की वीडियो बना लेते और फिर इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठते थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस गिरोह सरगना स्नेहा मलिक और उसके साथी सचिन व सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सिंकदर पहले भी ऐसे मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार एक दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मी की शिकायत पर 19 फरवरी, 2025 को एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया कि आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 1,20,000 ऐंठ लिए। इसके बाद प्राथमिकी में और धाराएं जोड़ी गईं। जांच इंस्पेक्टर अमित चौधरी व इंस्पेक्टर अरुण सिंधु को सौंपी गई। इस टीम ने गिरोह की सरगना महिला स्नेहा मलिक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद महिला के पड़ोसी समालखा , हरियाणा निवासी सचिन और जेल में चल रहे सुल्तानपुरी, दिल्ली निवासी आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर को जेल से गिरफ्तार कर लिया। जांच से पता चला है कि आरोपी स्नेहा पूरे सिंडिकेट के पीछे की मास्टरमाइंड है। उसके डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के अनुसार वह पहले रोहिणी, दिल्ली निवासी अशोक कुमार उर्फ बबली द्वारा ऑपरेट किए जा रहे एक ऐसे ही गैंग से जुड़ी थी। दिसंबर 2025 में अशोक कुमार उर्फ बबली की मौत के बाद उसने अपना एक अलग गैंग बनाया। दो बच्चों की मां स्नेहा के कब्जे से उगाही में इस्तेमाल किया जाने वाला फोन बरामद हुआ है।
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ऐसे करते थे उगाही
महिला अपने साथियों, सचिन (गिरफ्तार), सुमित और एक अन्य महिला के साथ दिल्ली आती थी। गैंग ट्रैफिक पुलिस वालों को ही टारगेट करता था और चालान की कार्रवाई के दौरान उनकी ऑफिशियल बातचीत के वीडियो रिकॉर्ड करता था। रिकॉर्ड की गई फुटेज आरोपी सुमित को भेजी जाती थी, जो वीडियो को एडिट और मैनिपुलेट करता था। एडिट की गई क्लिप को कथित तौर पर तोड़-मरोड़ देता था। उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू करते थे। सिकंदर ने टारगेटेड ट्रैफिक पुलिसवालों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छेड़छाड़ किए गए वीडियो सर्कुलेट करने और उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करवाने की धमकी देता था। ।
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