उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में शनिवार रात बेलगाम हुए ट्रक ने तीन राहगीरों को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त राज बहादुर (19), हरिओम (23) और राम मोहन (33) के रूप में हुई है।
हादसे के बाद चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। इससे नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि घटना स्थल से चंद कदमों की दूरी पर पुलिस पोस्ट थी, वहां पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
लेकिन चालक फरार हो गया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर रविवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए। पुलिस के मुताबिक, राजबहादुर और हरिओम परिवार के साथ नेहरू विहार में रहते थे।
एक साड़ी की दुकान पर काम करते थे
दोनों चांदनी चौक में एक साड़ी की दुकान पर काम करते थे। वहीं राम मोहन परिवार के साथ करतार नगर जे-ब्लॉक में रहता था और गांधी नगर में उसका दूध का काम था। शनिवार रात राजबहादुर व हरिओम चांदनी चौक से घर लौट रहे थे।
इस बीच राजबहादुर को पता चला कि उसकी बहन जगप्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती है तो दोनों दोस्त उसे देखने अस्पताल पहुंच गए। लौटते समय दोनों तीसरे पुश्ते उस्मानपुर की लालबत्ती पर खड़े थे।
जबकि राम मोहन साइकिल से गांधी नगर से घर लौट रहा था। तभी शास्त्री पार्क चौक से खजूरी चौक की ओर जा रहे ट्रक ने पहले राम मोहन को टक्कर मारी। उसे बचाने के चक्कर में चालक ने हरिओम व राजबहादुर को भी कुचल दिया।
हरिओम व राजबहादुर की मौके पर मौत हो गई
इसके बाद ट्रक सड़क के दूसरी ओर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हरिओम ट्रक के पहिये के नीचे फंस गया। ट्रक उसे दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में हरिओम व राजबहादुर की मौके पर मौत हो गई, जबकि राम मोहन को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हरियाणा नंबर के ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
राजबहादुर के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर चालक को घटना स्थल से भगा दिया। उसके पिता विजय तोमर का कहना था कि घटनास्थल से पुलिस पोस्ट चंद कदमों की दूरी पर था।
लेकिन चालक मौके से फरार हो गया। कुछ लोगों ने तो यहां तक आरोप लगाए कि पुलिस पोस्ट पर वसूली की वजह से चालक ने रांग साइड से जाने का प्रयास किया, इस वजह से हादसा हुआ। इधर, पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपों से इंकार कर रहे हैं।
मृतकों के परिवार में छाया मातम
उस्मानपुर हादसे में एक साथ तीन लोगों की मौत के बाद परिवारों में मातम का माहौल है। राज बहादुर तो अपने परिवार में इकलौता बेटा था। राज बहादुर के परिवार में पिता विजय तोमर, मां सावित्री देवी व दो बहनें है।
वहीं हरिओम के परिवार में पिता गिरीश, मां एक बहन व भाई है। नेहरू विहार स्थित दोनों की गली में एक साथ हुई मौत से मातम का माहौल था।
वहीं राम मोहन के परिवार में पत्नी व तीन बच्चे हैं। उसके मौत की खबर के बाद से पत्नी का रोते-रोते बुरा हाल है।