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Delhi NCR News: बूढ़ी गंगा के उद्गम और प्रवाह मार्ग की होगी तकनीकी जांच

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एनजीटी में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने दी जानकारी, ऐतिहासिक नक्शों और उपग्रह चित्रों की होगी पड़ताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बूढ़ी गंगा नदी का वास्तविक उद्गम कहां है, उसका ऐतिहासिक प्रवाह मार्ग क्या था और वर्तमान में उसकी धारा किन क्षेत्रों से होकर गुजरती है, इसकी पहचान के लिए तकनीकी जांच की जाएगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने बताया कि नदी के उद्गम, प्रवाह की निरंतरता और गंगा या उसकी किसी सहायक नदी से संगम का पता लगाने के लिए तकनीकी समूह गठित किया गया है। समूह ऐतिहासिक नक्शों, उपग्रह चित्रों, राजस्व अभिलेखों और तकनीकी रिपोर्टों की जांच करेगा। इसके बाद चिह्नित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा।
एनजीटी की प्रधान पीठ में 16 अक्टूबर को प्रियंक भारती बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले की सुनवाई हुई। पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद शामिल थे। सुनवाई में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने बताया कि अधिकरण के तीन अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में आवेदक प्रियंक भारती ने बूढ़ी गंगा के उद्गम और प्रवाह मार्ग से संबंधित ऐतिहासिक नक्शे, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अभिलेख और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। इनकी जांच के लिए गठित तकनीकी समूह में मिशन के विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की के निदेशक की ओर से नामित तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
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ऐतिहासिक और वर्तमान मार्ग का होगा मिलान
तकनीकी समूह यह पता लगाएगा कि बूढ़ी गंगा का ऐतिहासिक और वर्तमान में पहचाना जा सकने वाला उद्गम बिंदु कहां है तथा उसका पूरा प्रवाह मार्ग क्या रहा है। साथ ही, नदी की धारा में निरंतरता के प्रमाण तलाशे जाएंगे और ऐतिहासिक मार्ग की तुलना मौजूदा जल प्रवाह चैनल से की जाएगी। इससे नदी के गंगा या उसकी किसी सहायक नदी से संगम स्थल की पहचान करने में मदद मिलेगी।

मिशन की ओर से दाखिल शपथपत्र के अनुसार, तकनीकी समूह की बैठक 29 सितंबर 2026 को हुई थी। इसमें जांच की कार्यप्रणाली, उपलब्ध दस्तावेजों और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान से प्राप्त आंकड़ों की समीक्षा की गई। अब चिह्नित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर आगे का आकलन किया जाएगा।
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अगली सुनवाई 8 फरवरी को
अधिकरण ने मिशन की जानकारी को आदेश में दर्ज किया। साथ ही, प्रतिवादी संख्या छह की ओर से दाखिल नई रिपोर्ट की जांच कर उसे अभिलेख पर रखने का निर्देश दिया। आवेदक को रिपोर्ट पर जवाब या आपत्ति दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।
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