गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के पास प्रस्तावित हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट एक कदम और आगे बढ़ा है। इसे एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मंजूरी मिल गई है। अब सिर्फ डीजीसीए से एनओसी मिलना बाकी है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ दीपक अग्रवाल ने बताया कि हेलीपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी मिल गई है।
अब सिर्फ डीजीसीए की एनओसी का इंतजार है। वहां भी आवेदन किया जा चुका है। आवेदन के बाद करीब एक माह लग जाता है। दो सप्ताह बीत चुके हैं। ऐसे में अगले दो सप्ताह में एनओसी मिलने के आसार हैं। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर हेलीपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद किसी और एनओसी की जरूरत नहीं बचेगी।
करीब 50 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के लिए 22 एकड़ एरिया चिह्नित की जा चुकी है। भविष्य में विस्तार के लिए आसपास की 15 एकड़ जमीन और रिजर्व कर ली गई है। इस प्रोजेक्ट की तकनीकी सलाहकार एजेंसी राइट्स ने इस पर अपनी सहमति पहले ही दे दी है।
सिंचाई विभाग से भी एनओसी मिल चुकी है। हेलीपोर्ट बनने से वीआईपी के आने-जाने की सुविधा हो जाएगी। साथ ही आगरा व अन्य प्रमुख शहरों को हवाई मार्ग से आसानी से जोड़ा जा सकेगा। वहीं, हेलीपोर्ट के साथ ही हवाई पट्टी बनाने की भी योजना है, जिससे कि किसी वीआईपी का विमान इस हवाई पट्टी पर उतर सके। वहीं से हेलीकॉप्टर के जरिये अपने गंतव्य तक जा सके।