पुलिस अधिकारी ने बताया कि ज्योति दो भाई बहन और अपने परिजनों के साथ शालीमार बाग के हैदरपुर गांव में रहती थी। उसके पिता देवेंद्र सब्जी की रेहड़ी लगाते हैं, जबकि मां आस पास के घरों में साफ सफाई का काम करती है। उसका भाई भी दिव्यांग है। घटना के समय ज्योति अपनी बड़ी बहन और भाई के साथ घर में थी। उसकी बहन सो रही थी।
परिजनों ने बताया कि दो दिन से इलाके में पानी नहीं आया था। ज्योति की मां बाहर से पानी लाकर ड्रम में रख दिया था। दोपहर में जब उसकी मां काम से वापस आई तो ज्योति को ड्रम में गिरा हुआ देखा। उसके शोर मचाने पर आस पास के लोग इकट्ठा हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिवार वालों ने बताया कि ज्योति अकसर पानी के साथ खेलती थी। ढ़ाई फुट के ड्रम में पानी कम था। वह स्टूल लगाकर ड्रम में भरे पानी से खेल रही थी। इसी दौरान वह पानी में गिर गई। उसका सिर नीचे और पैर ऊपर था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशंका है कि दिव्यांग होने की वजह से बच्ची ड्रम के पास गई और उसमें गिर गई है। मौके पर गड़बड़ी को लेकर कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अधिकारी का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।