दिल्ली में उद्योग और व्यापार करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। इसके लिए एकल खिड़की पोर्टल बनेगा, जहां से सभी प्रकार की एनओसी ली जा सकेगी। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अधिकतम शासन-न्यूनतम सरकार को लागू करने के लिए सीएम रेखा गुप्ता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी में एलजी ने कहा कि पिछले 11 साल में इस दिशा में विशेष प्रगति नहीं हुई। प्रतिबंधात्मक और पुराने कानूनों ने व्यवसायों और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ने से रोका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसाय करने में कठिनाई के कारण उद्योग और व्यवसायी दूसरे राज्यों में चले गए हैं। इन समस्याओं को देखते हुए व्यापार को दिल्ली में सरल बनाने के लिए कई फैसले लिए गए। इन नियमों को जल्द लागू करने के लिए एलजी और सीएम समीक्षा करते रहेंगे। इन्हें छह माह के भीतर पूरा किया जाएगा।
रात में महिला भी कर सकेगी काम
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रम विभाग महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति लेने के बाद रात की पाली में काम करने की अनुमति देने के लिए तत्काल कदम उठाएगा। इसे लागू करने के लिए दिल्ली दुकान और स्थापना अधिनियम में संशोधन करके और कारखाना अधिनियम के तहत उपयुक्त अधिसूचनाएं जारी करके सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा। इस नियम में भी संशोधन होगा, जिससे कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या एक से बढ़ाकर 10 की जा सके। दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24 घंटे 7 दिन काम करने की अनुमति मिल सके। औद्योगिक विवाद अधिनियम में बंद करने की अनुमति लेने के लिए श्रमिकों की सीमा 100 से बढ़ाकर 200 की जाए।
थर्ड पार्टी करेगी ऑडिट
अग्निशमन विभाग थर्ड पार्टी ऑडिट के लिए एजेंसियों को सूचीबद्ध करेगी। बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सूचीबद्ध एजेंसियों के ऑडिट प्रमाण पत्र पर एनओसी प्राप्त करने की अनुमति दी जानी चाहिए। छोटे प्रतिष्ठानों को थर्ड पार्टी ऑडिट का विकल्प दिया जा सकता है। रुचि की अभिव्यक्ति तुरंत जारी की जा सकती है। अग्निशमन विभाग को तकनीकी प्रगति और छोटे, ड्रोन-आधारित और रोबोट अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता करवाई जाएगी। साथ ही फायर टेंडर की पहुंच के लिए मार्गों की चौड़ाई के नियम पर विचार होगा। डीपीसीसी को संचालन की सहमति देने के लिए समय को घटाकर 20 दिन करना चाहिए जिसके बाद इसे एक स्वीकृत माना जाना चाहिए। डीपीसीसी को हरित और श्वेत दोनों उद्योगों में एमएसएमई के लिए स्व-प्रमाणन की अनुमति देनी चाहिए। डीपीसीसी प्रमाणन के लिए तीसरे पक्ष की एजेंसियों को नियुक्त कर सकता है।
नियम में होगा सुधार
राजस्व विभाग डीएलआर अधिनियम की धारा 81 और 33 सहित कई धाराएं और प्रावधान पर नए सिरे से विचार करेगा। एमसीडी डीएमसी अधिनियम की धारा 475 पर नए सिरे से विचार करेगा। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लीज प्रशासन को भी बेहतर नागरिक बुनियादी ढांचे और सेवाओं को सुनिश्चित करने के संदर्भ में नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता है।