विंटेज गाड़ियों के शौकीनों की कमी नहीं है। यह ऐसी गाड़ियां हैं जो सड़कों से गुजरती हैं तो नजरें हटने का नाम नहीं लेतीं। इन गाड़ियों का शौक हर किसी के बस की बात नहीं है। जिन्हें शौक है वे अपनी जान से ज्यादा इनको संभालकर रखते हैं। ऐसे ही हैं फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा।
इनके पास सन् 1938 की बीएसए (बिरमिंगम स्मॉल आर्म्स ) कंपनी की एम 20 बाइक है, जिसका प्रयोग दूसरे विश्व युद्घ में भी किया गया। विंटेज के शौकीन यह पुलिस कर्मी न केवल इस बाइक को लेकर चर्चाओं में है, बल्कि सन् 1938 की विंटेज साइकिल और कई देशों के विंटेज सिक्कों को भी सहेजकर इन्होंने रखा है।
क्राइम ब्रांच में साइबर एक्सपर्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले नरेंद्र ओल्ड इज गोल्ड के दीवाने हैं। इस शौक को पूरा करने के लिए वे अपनी तन्ख्वाह और बेहतर कार्य के लिए पुलिस विभाग से मिले रिवार्ड का बड़ा हिस्सा खर्च कर डालते हैं। इनका सपना विंटेज गाड़ियों के अलावा अन्य सामान के लिए म्यूजियम बनाना है, ताकि बदलते दौर में इतिहास को भी याद रखा जा सके।