बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त जिम्मी चिरम ने बताया कि आठ जुलाई को लगभग 8:10 बजे सुल्तानपुरी इलाके की पुलिस को एक सूचना मिली कि छह जुलाई को कंझावला रोड स्थित रजनी गुप्ता अस्पताल के सामने से एक साल का बच्चा लापता हो गया है। वह लाल टी-शर्ट और सफेद-पतलून पहने हुए है। एक संदिग्ध महिला उसे ले गई। लापता बच्चे की मां ने यह मामला दर्ज कराया। इसके बाद टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने घटना स्थल के पास कई सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला और संदिग्धों के कॉल विवरण की जांच की। इसके अलावा कृष्ण विहार से एक महिला को गिरफ्तार किया, जो बच्चे को ले गई थी।
शिकायतकर्ता मां ने 1.50 लाख में बच्चे को बेचा
पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसने शिकायतकर्ता मां से 1.50 लाख रुपये में बच्चा खरीदा और आगे बच्चे को एक अन्य आरोपी महिला को 2.10 लाख रुपये में बेच दिया। टीम ने गिरफ्तार महिला के कहने पर एक अन्य महिला को भी उसके आवास से पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी मां से बच्चा खरीदने वाली महिला आरोपी को न्यायालय से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि बच्चे को यूपी के जिले मथुरा के वृंदावन में रहने वाली महिला और उसके पति अर्पित को तीन लाख तीस हजार रुपये में बेचा था। इसके बाद बच्चे की तलाश में टीम को वृंदावन भेजा। टीम ने वहां से आरोपी महिला और उसके पति अर्पित को पकड़ा। साथ ही, बच्चे को बेचने में बिचौलिया का किरदार निभाने वाली आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी और उसकी पत्नी बच्चा लेना चाहते थे गोद
पूछताछ में आरोपी अर्पित ने बताया कि उसका यूपी के मुजफ्फरनगर में कूलर बनाने का कारोबार है। उसने अपनी पत्नी से प्रेम विवाह किया था, जो उसकी दूसरी पत्नी है। वे एक बच्चे को गोद लेना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इस बच्चे को अपने रिश्तेदार के माध्यम से खरीदा। पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।