पुलिस के मुताबिक रोहित अपने मामा रोहताश कुमार के साथ गाजीपुर गांव में रहता था। इसका खुल का परिवार गांव जमालपुर, गुलावठी, बुलंदशहर में रहता है। परिवार में मां सुनीता, भाई दीपक, सोहित व एक बहन मोनिका है। रोहित बचपन से ही अपने मामा के घर पर रहा है। यहां वह गाजीपुर कूड़े के खत्ते (गाजीपुर लैंड फिल साइट) पर सुपरवाइजर की नौकरी करता था।
रविवार रात को वह घर पर मौजूद था। इस बीच किसी ने कॉल किया। रोहित अपने मामा के लड़के आकाश के साथ स्कूटी से गाजीपुर फूल मंडी के पास पहुंचा। इस बीच चार युवकों ने घेरकर उसे बेहद नजदीक से गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। आकाश बाकी लोगों की मदद से रोहित को एलबीएस अस्पताल ले गया।
जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रोहित की मौत के बाद सुबह करीब 8.00 बजे परिजनों ने एनएच-24 पर गाजियाबाद आने-जाने वाले साइड पर जाम लगा दिया। परिजन ग्रामीणों के साथ सुबह करीब 11 बजे तक सड़क डटे रहे। पुलिस ने किसी तरह समझाकर उनको हटाया। इसके बाद जाम खुल पाया।