इससे यह फायदा होगा कि नोएडा के क्षेत्रवासी गाजियाबाद और दिल्ली तक जा सकेंगे। जबकि इंदिरापुरम, वसुंधरा और साहिबाबाद के आसपास के लोग भी वाया साहिबाबाद होते हुए मोहनगर तक जाएंगे। इसके बाद मोहननगर से नई दिल्ली के दिलशाद गार्डन तक जा सकेंगे। जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बताया कि संशोधित डीपीआर को डीएमआरसी अधिकारियों के पास भेजा गया है। वहां से एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश शासन से अगले स्तर पर चर्चा होगी।
खर्च का यह होगा अनुपात
मेट्रो के इस फेज में केंद्र व प्रदेश सरकार का 20-20 प्रतिशत अंशदान रहेगा। जबकि अन्य विभागों की 60 प्रतिशत तक हिस्सेदारी होगी। कुल 1886 करोड़ रुपये खर्च आएगा। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि कुल बजट के अनुपात में हिस्सेदारी बांटी गई है। मसलन केंद्र सरकार 334.6 करोड़ और प्रदेश सरकार 334.6 करोड़ देगी। जीडीए 571.90 करोड़ रुपये देगा। जबकि नगर निगम 206.86 करोड़, यूपीएसआईडीसी 73.01 करोड़ और आवास विकास परिषद 365.04 करोड़ रुपये देगा।
कितने बनेंगे स्टेशन
मेट्रो फेज-3 में पांच स्टेशन बनेंगे। प्लानिंग के तहत वैभव खंड, इंदिरापुरम, शक्ति खंड, वसुंधरा सेक्टर-5 और साहिबाबाद में स्टेशन बनाया जाएगा। संशोधित डीपीआर पास होती है तो और भी स्टेशन बन सकते हैं।