380 गांवों की महापंचायत में न्याय की मांग करते लोग
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ये रखी गई मांगें
महापंचायत में मांग की गई कि रूपेश के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने के साथ मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। दूसरी ओर, केंद्र व दिल्ली सरकार परिवार की आर्थिक मदद भी करे। महापंचायत में लोगों ने तैमूर नगर में नशे के कारोबार को तुरंत बंद कराने, पूरे थाने को निलंबित करने, झुग्गियों को तुरंत हटवाने, नशे का धंधा करने वाले लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
जल्द न्याय दिलाने का भरोसा
सांसद महेश गिरी ने सभी मांगें गृह मंत्री राजनाथ सिंह तक पहुंचाने और परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान आप विधायक मदनलाल, अमानतुल्लाह खान, सहीराम पहलवान, अवतार सिंह कालका, भाजपा नेता रामबीर सिंह बिधूड़ी, धीर सिंह बिधूड़ी, कई निगम पार्षद व एसडीएमसी सदस्य मौजूद रहे।
परिवार को मिले पुलिस की सुरक्षा
धीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि रूपेश और उसके बड़े भाई उमेश बसोया ड्रग्स माफिया के खिलाफ काफी समय से आवाज उठा रहे थे। रूपेश को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। उमेश आरडब्ल्यूए प्रधान है और उसकी जंग जारी है, इसलिए उसकी जान को भी खतरा है। लिहाजा दिल्ली पुलिस फौरन पूरे परिवार और उमेश को सुरक्षा मुहैया कराए। धीर सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त और सांसद महेश गिरी ने इस मांग पर परिवार को न्याय व सुरक्षा दिलाने का वादा किया है।
धीर सिंह बिधूड़ी के मुताबिक, पंचायत में मांग की गई कि तैमूर नगर मेन रोड का नाम बदलकर रूपेश बसोया रोड रखा जाए। इसके अलावा, गुरुद्वारा चौक का नाम रूपेश बसोया के नाम पर रखा जाए। परिवार ने मांग की कि रूपेश ने नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए अपनी जान गंवाई, लिहाजा उसे शहीद का दर्जा भी दिया जाए। जिस तरह राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर देश के सिपाहियों को सम्मानित करते हैं, उसी तरह रूपेश को भी सम्मानित किया जाए।