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Delhi NCR News: यमुना किनारे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, 16.43 करोड़ से संवरेगा बाढ़ क्षेत्र

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ओल्ड रेलवे ब्रिज से एनएच-9 तक विकसित होगा साइकिल ट्रैक, हरियाली और फिटनेस सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
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मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। प्रदूषण और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच दिल्लीवासियों को हरियाली और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने महत्वपूर्ण पहल की है। यमुना के पश्चिमी तट पर ओल्ड रेलवे ब्रिज से एनएच-9 (पुराना एनएच-24) तक आधुनिक साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। करीब 16.43 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य यमुना बाढ़ क्षेत्र को व्यवस्थित स्वरूप देना और लोगों को प्रकृति के करीब लाना है।
परियोजना के तहत साइकिल ट्रैक के निर्माण के साथ बागवानी और हरित क्षेत्र के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए 90 दिनों का विशेष हॉर्टिकल्चर एवं रखरखाव कार्य प्रस्तावित है। इससे ट्रैक के आसपास पौधारोपण और हरियाली को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। हालांकि, परियोजना के पर्यावरणीय लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि निर्माण के दौरान यमुना के बाढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और पारिस्थितिकी का कितना ध्यान रखा जाता है।
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साइक्लिंग, जॉगिंग और सैर के लिए बेहतर सुविधा
ग्रीन कॉरिडोर विकसित होने से साइक्लिंग, जॉगिंग और पैदल सैर करने वालों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा। शहर की व्यस्त सड़कों और यातायात के शोर से दूर खुला स्थान मिलने से लोग नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित होंगे। परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी यह क्षेत्र मनोरंजन और सुकून के अवसर उपलब्ध करा सकता है।
प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगी राहत की उम्मीद
पूर्वी दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में भारी यातायात, धूल और वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण की प्रमुख चुनौतियां हैं। रिंग रोड और गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के आसपास यातायात का दबाव भी बना रहता है। ऐसे में यमुना किनारे हरित क्षेत्र का विकास शहरी वातावरण को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, केवल साइकिल ट्रैक बनने से जाम और प्रदूषण की समस्या पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
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यमुना तट के कायाकल्प की दिशा में पहल
परियोजना के दायरे में शास्त्री पार्क, कश्मीरी गेट के सामने का यमुना किनारा, राजघाट, शांति वन, मिलेनियम पार्क और गीता कॉलोनी पुश्ता के आसपास के क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। ग्रीन कॉरिडोर का विकास इन इलाकों में सार्वजनिक स्थानों की उपलब्धता और प्राकृतिक परिवेश को बेहतर बनाने का अवसर दे सकता है। इसके साथ ही, बाढ़ क्षेत्र में निर्माण और पौधारोपण के दौरान नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जैव विविधता तथा भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया को सुरक्षित रखना जरूरी होगा। परियोजना का वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा, जब विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण और नियमित रखरखाव को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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