-पुलिस ने गिरोह के चार जालसाजों को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश कर चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिये 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि ठगों की पहचान अतुल कुमार, वर्षा शर्मा, अजय शर्मा और एक अन्य 54 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी 20 नवंबर को अलग-अलग जगहों से दबोचा है। पुलिस जांच में सामने आया कि जालसाज सोशल मीडिया के जरिये लोगों से दोस्ती करते थे। फिर पीड़ितों को मुनाफा कमाने का झांसा देकर उनका व्हाट्सएप नंबर लेते थे। इसके बाद पीड़ितों को फर्जी ट्रेडिंग एप से जोड़ते थे। कुछ दिन तक निवेश पर पीड़ितों को मुनाफा दिया जाता था। फिर झांसे में लेकर मोटी रकम का निवेश कराकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करते थे।
फर्जी खातों में ट्रांसकर कराते थे रकम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह गरीब लोगों से उनके दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक खाता खुलवाते थे। पासबुक और एटीएम अपने पास रखकर खाताधारक को कुछ रुपये दे देते थे। फिर इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में करते थे। जैसे ही पैसा इन खातों में आता तो आरोपी उसे तुरंत निकाल लेते थे। मुख्य आरोपी अजय शर्मा फर्जी खाता खुलवाता था। पुलिस ने खातों में लाखों रुपये फ्रीज कराए हैं।
10 करोड़ से अधिक की ठगी की
जांच में सामने आया है कि इन फर्जी बैंक खातों का उपयोग कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु सहित पूरे देश में दर्ज 67 से अधिक साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों में हुआ है। गिरोह ने देशभर में 10 करोड़ से अधिक रुपये की ठगी की है। दिल्ली के एक व्यक्ति से जून में 49.35 लाख रुपये की ठगी हुई थी।