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Delhi NCR News: मेट्रो के कॉरिडोर निर्माण क्षेत्र में जर्जर इमारत ढही, युवक की मौत

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- आजाद मार्केट इलाके में चल रहा है जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर के लिए टनल का निर्माण कार्य
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- हादसे के वक्त छत पर सो रहे इमारत में बने दुकान के कर्मी के शरीर के हुए दो टुकड़े
अमर उजाला ब्यूरोे
नई दिल्ली। आजाद मार्केट इलाके में मेट्रो के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर के लिए टनल निर्माण क्षेत्र में जर्जर इमारत ढह गई। हादसे में मनोज शर्मा (45) की मौत हो गई। इस मामले में बाड़ा हिंदूराव थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं दिल्ली मेट्रो की ओर से मनोज के परिजनों को पांच लाख की आर्थिक सहायता की बात कही गई है। मेट्रो प्रबंधन ने भी मामले में जांच शुरू कर दी है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 1.55 बजे पुलिस और दमकल विभाग को पुल मिठाई के टोकरीवालान इलाके में एक इमारत के गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय बाड़ा हिंदूराव थाना की पुलिस और दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक वहां बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए थे। चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था। स्थानीय लोगों से पता चला कि जो इमारत गिरी है वह करीब 70 से 80 साल पुरानी थी। दो मंजिला इमारत में तीन दुकानें थी। जिसमें बैग, रेनकोट और तिरपाल के कपड़े बेचे जाते थे। पहली मंजिल पर गोदाम था। इमारत गिरने से एक ट्रक और एक स्कूटी क्षतिग्रस्त भी हो गई थी।
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हादसे की जानकारी मिलने के बाद एनडीआरएफ, कैट्स एम्बुलेंस, डीडीएमए और अपराध टीम भी मौके पर पहुंच गई। राहत बचाव दल ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। कुछ देर बाद ही मलबे से एक व्यक्ति को बाहर निकाला। उसे पास के अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके के शरीर के दो टुकड़े हो गए थे। बाद में युवक की शिनाख्त मनोज शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच में पता चला कि मनोज दुकान संख्या 7 ए के दुकानदार गुलशन महाजन के कर्मचारी थे। वह 30 वर्षों से दुकान में काम कर रहे थे। हादसे के वक्त वह इमारत की छत पर सो रहे थे।
मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत बचाव के कार्य में तेजी लाई गई। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा के हटाने का काम शुरू किया गया। दिन भर चले अभियान में मलबे के नीच कोई अन्य घायल नहीं मिला। शाम करीब छह बजे राहत बचाव का काम समाप्त कर दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और 290 (इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या निर्माण करने के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस इमारत गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

दुकानदारों ने डीएमआरसी पर लगाया लापरवाही का आरोप
घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों ने डीएमआरसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दुकानदारों का आरोप है कि मेट्रो निर्माण में हुई लापरवाही की वजह से हादसा हुआ है। फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) के अध्यक्ष राकेश यादव ने सीधे तौर पर अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हादसा दिन में होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डीएमआरसी ने मेट्रो के निर्माण कार्य के चलते जर्जर इमारतों को नोटिस जारी कर दिए। लेकिन नोटिस के बावजूद यहां दुकानें खुल रही थी। जर्जर घोषित करने के बाद इमारतें खाली नहीं कराई गई थीं।
दुकानदार के परिवार के सदस्य के रूप में रहता था कर्मचारी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनोज शर्मा कहां के रहने वाले हैं, इसकी जानकारी दुकानदार गुलशन महाजन कोे भी नहीं है। गुलशन ने बताया कि मनोज तीस साल से उनके साथ काम कर रहे थे। उनका अपने परिवार से कोई लेना देना नहीं था। वह कभी भी अपने घर नहीं जाते थे। मनोज उनके परिवार के सदस्य के रूप में थे। पुलिस उनके परिचितों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है ताकि उनके परिवार वालों के बारे में जानकारी मिल सके।
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डीएमआरसी ने कहा, 12 जून को इमारत खाली करवाने के लिए दिए थे नोटिस
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को सदर बाजार के पास मेट्रो निर्माण स्थल के निकट इमारत के ढहने के मामले में पीड़ित परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। हादसे में ढही इमारत में दुकानें और कार्यालय थे। जो मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्य के प्रभाव क्षेत्र में थे। डीएमआरसी के अनुसार, इन इमारतों को पहले ही असुरक्षित घोषित कर जून में खाली करा लिया गया था। 12 जून को भवन मालिकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई थी कि इमारतें जर्जर हालत में हैं और इन्हें खाली करना जरूरी है। डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया कि टनल निर्माण शुरू करने से पहले मिट्टी की ग्राउटिंग और बाहरी संरचनात्मक सहायता जैसे सभी आवश्यक कदम उठाए गए थे। इमारतों को पहले ही खाली करा लिया गया था। हादसे के बाद क्षेत्र को सुरक्षित कर बैरिकेडिंग कर दी गई है। डीएमआरसी ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस क्षेत्र में टनल निर्माण का काम निर्माण एजेंसी एएफसीओएनएस द्वारा किया जा रहा है।
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