संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत को प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से दिल्ली वन विभाग ‘कुरानी वन’ विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस अनूठी पहल का मकसद न केवल पौधारोपण को बढ़ावा देना है, बल्कि लोगों और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को मजबूत करना भी है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस थीम आधारित वन में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जिनका इस्लामी परंपराओं में विशेष महत्व है। उदाहरण के तौर पर खजूर जैसे पेड़ इस परियोजना का हिस्सा हो सकते हैं। इससे लोगों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत की भी जानकारी मिलेगी और प्रकृति के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि ‘कुरानी वन’ केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह जागरूकता का भी एक माध्यम बनेगा। यहां आने वाले लोग विभिन्न पौधों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को समझ सकेंगे।
यह परियोजना दिल्ली में विकसित किए जा रहे थीम वनों की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले ऋतु वन, नक्षत्र वन, राशि वन, तीर्थंकर वन, बेल वन और पंचवटी वन जैसी योजनाएं प्रस्तावित की जा चुकी हैं। इन वनों के माध्यम से मौसम, ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं को प्रकृति के साथ जोड़ा जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के थीम आधारित वन न केवल जैव विविधता को बढ़ावा देंगे, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।