एक पंखा और एक सीएफएल जलाने पर बिजली का बिल कितना आ सकता है। अंदाजा लगाना मुश्किल है, क्योंकि बिल की राशि सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की लापरवाही ने इन दिनों शहर के उपभोक्ताओं के दिमाग की बत्ती गुल कर रखी है। आदर्श कॉलोनी की एक छोटी सी मोटरसाइकिल वर्कशॉप का बिजली बिल 78 करोड़ रुपये आया है। गलत बिल का यह अकेला मामला नहीं, बल्कि ऐसे कई मामले हैं।
केस-1
आदर्श कॉलोनी में मुल्ला होटल के पास विमला की एक छोटी सी दुकान है, जिसे उन्होंने 2500 रुपये महीना किराये पर दिया हुआ है। नगर निगम में सफाई कर्मचारी विमला के पति जगपाल के नाम से दुकान में मीटर लगा है।
बाइक ठीक करने वाले का आया करोड़ों का बिल
दुकान में मोटरसाइकिल वर्कशॉप है, जिसका हर महीने एक हजार रुपये से कम बिल आता था। इस बार जो बिल आया है, उसे देखकर विमला ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों के दिमाग का भी फ्यूज उड़ गया है।
बिल में कंज्यूम्ड यूनिट 199 दर्शाई गई हैं, और बिल की राशि 77 करोड़ 89 लाख 57 हजार 422 रुपये है। ऐसा नहीं कि अंकों में ही राशि लिखने में गड़बड़ी हुई, बल्कि शब्दों में भी यह गलती दोहराई गई है।
14 नवंबर को बिल पहुंचा है और भुगतान की अंतिम तिथि 17 नवंबर दी गई है। निर्धारित समय सीमा में भुगतान न करने पर 2.29 करोड़ रुपये सरचार्ज चुकाना होगा। बिजली का बिल देखकर विमला दंग रह गईं। बाइक ठीक करने की दुकान में एक पंखा और एक सीएफएल ही लगा है।
कमर तोड़ बिल के और भी हैं कई किस्से
केस-2
आदर्श कॉलोनी में रहने वाले प्रेमपाल भी विमला की तरह परेशान हैं। हर महीने में हजार-डेढ़ हजार रुपये का बिल चुकाने वाले प्रेमपाल को इस बार बिजली के बिल ने जोर का झटका दिया है। महज 393 यूनिट का बिल 2.86 लाख रुपये आया है। इसे चुकाने के लिए महज दो दिन का समय दिया गया है।
केस-3
कॉलोनी के भगवान दास भी बिजली का बिल देखकर रह-रहकर कभी भगवान को याद कर रहे हैं और कभी बिजली वालों को कोस रहे हैं। 340 यूनिट खपत करने पर उन्हें 48 हजार 556 रुपये का बिल भेज दिया गया है।
इसी कॉलोनी में बुंदू खान का भी मकान है। इनके यहां 431 यूनिट बिजली की खपत करने पर 56 हजार 730 रुपये का बिल भेजा गया है।