जानकारी के मुताबिक राम महतो अपने परिजनों के साथ किराड़ी के विद्यापति नगर में रहता था। वह सरकारी स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र था। पीड़ित परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर राम अपने घर का राशन लाने के लिए मुबारकपुर रोड पर स्थित एक दुकान गया था। वह अपने दोस्त प्रिंस को भी साथ ले लिया। प्रिंस अपनी बाइक से उसे दुकान ले जा रहा था। बाइक प्रिंस चला रहा था। मुबारकपुर गांव स्थित वाल्मीकि मंदिर के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने साइड से उनकी बाइक में टक्कर मार दी। ट्रक में सिमेंट लदा था। टक्कर लगते ही बाइक पर पीछे बैठा राम नीचे गिर गया और ट्रक का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। जबकि प्रिंस बाइक के साथ दूसरी तरह गिर गया। उसे मामूली चोट लगी। घटना का अहसास होते ही चालक ने कुछ दूरी पर ट्रक को रोक दिया और ट्रक छोड़कर वहां से भाग गया।
राहगीरों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस ने प्रिंस को पास के अस्पताल में लेकर गई। वहीं घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पाया कि किशोर की मौके पर मौत हो चुकी है। पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम व फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए। प्रिंस के बयान के आधार पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने से हुई मौत का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस चालक की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पिता की भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद राम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि चार साल पहले सड़क हादसे में ही उनके पति लक्ष्मी महतो की मौत हो गई थी और घर के होनहार बेटे राम को भी उससे छीन लिया। वह यह याद कर रोने लगती है कि दीपावली पर बनने वाले पकवान के लिए उसने उसे राशन खरीदने के लिए दुकान भेजा था। वह उसके लौटने का इंतजार कर रही थी, लेकिन उसके पास बेटे की मौत की सूचना आई। पति की मौत के बाद वह अपने दो बेटों और एक बेटी का पालन पोषण करने के लिए फैक्टरी में काम करती है। राम दसवीं कक्षा में पढ़ता है और पढ़ाई खत्म कर वह काम कर परिवार की हालत को सुधारने की बात करता था।