केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने दिल्ली की लैंड पूलिंग पॉलिसी की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें 95 गांवों को शहरीकृत ग्रामीण इलाके का दर्जा प्राप्त हो गया है। इन गांवों में शहरी विकास से जुड़ी योजनाए लागू हो सकेंगी। वहीं, इससे करीब 22 लाख आवास तैयार होने की राह भी आसान होगी। इसमें गरीब व मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी अपनी जेब और पसंद के आधार पर आवास की सुविधा मिलेगी।
मंत्रालय अधिकारी बताते हैं कि डीडीए बोर्ड ने संशोधन का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा था। गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि संबंधित इलाकों में पानी, बिजली व अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करना संभव होगा। स्मार्ट सिटी मानकों के आधार पर यहां पर्यावरण व अन्य बातों का ध्यान भी रखा जा सकेगा।
अधिकारियों की मानें तो पॉलिसी में किसान या प्रमोटर न्यूनतम 2 एकड़ जमीन एक साथ लाकर डीडीए को सौंप देगा। डीडीए यहां सड़क, बिजली, पानी, सीवर आदि सुविधाएं विकसित करेगा। सेवाओं के विकास के बाद जमीन का मालिक प्लॉट के 60 फीसदी हिस्से पर रिहायशी, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित करेगा। इससे जमीन का अधिग्रहण करने की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी।
पॉलिसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम जल्द
लैंड पूलिंग पॉलिसी को जमीन पर उतारने के लिए मंत्रालय ने डीडीए को सिंगल विंडो प्रणाली शुरू करने को कहा है। डीडीए अधिकारी के मुताबिक, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत जमीन इकट्ठा करने वालों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। डीडीए अपना जवाब भी ऑनलाइन ही भेजेगा। जवाब मिलने के बाद एनओसी से लेकर विकसित भूमि पर निर्माण से जुड़े नक्शे इत्यादि दस्तावेज को जमा करने के लिए प्रमोटरों, किसान समूह को भटकना नहीं होगा। बल्कि सिंगल विंडो पर ही उनके सभी कार्य पूरे होंगे।