इसे इत्तेफाक कहें या साजिश, पिछले साल ही 12 अक्तूबर को बदमाश कार्पोरेशन बैंक की इसी शाखा के बाहर लगा एटीएम उखाड़कर ले गए थे। उसमें 31 लाख रुपये थे। ठीक एक साल बाद बदमाशों ने फिर 12 अक्तूबर को बैंक पर धावा बोला। इस बार कैश लूटने के साथ उन्होंने खजांची की हत्या भी कर दी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस व बैंक प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तीन-चार माह पहले फिर एटीएम को उखाड़ने का प्रयास किया गया था। पुलिस के सुरक्षा इंतजाम कड़े नहीं करने कारण ही बदमाशों के हौसले बुलंद हुए।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले साल हुई वारदात के दौरान बदमाशों ने बैंक के सीसीटीवी कैमरे पर काले रंग का पेंट स्प्रे कर दिया था। इसके बाद गैस कटर की मदद से बदमाश एटीएम उखाड़कर ले गए थे। एटीएम ले जाने के लिए बदमाश मिनी टेंपो साथ लेकर आए थे। इस मामले में आज तक पुलिस के हाथ खाली हैं। इधर, डकैती की छानबीन कर रही पुलिस को जांच में पता चला है कि, बदमाशों ने महज तीन मिनट में वारदात अंजाम दिया। इसी दौरान उन्होंने संतोष की हत्या की और कैश लूटकर फरार हो गए।
आधा दर्जन से अधिक टीमें गठित
पुलिस अधिकारियों ने आनन-फानन में आधा दर्जन से अधिक टीमें बनाकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ और लोकल पुलिस की टीमों का गठन किया गया है। क्राइम ब्रांच ने भी घटनास्थल का दौरा किया। देर रात तक पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की कुछ टीमों को हरियाणा भी भेजा गया है।
संयुक्त आयुक्त, वेस्टर्न रेंज, मधुप तिवारी ने बताया कि, बैंक में कैशियर की हत्या कर लूटपाट करने के मामले में डकैती का मामला दर्ज किया गया है। बदमाशों ने 3.16 लाख रुपये कैश लूटा है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।