मोतियाबिंद के आपरेशन में डॉक्टर की लापरवाही से नौ लोगों की जिंदगी में अंधेरा हो गया। अस्पताल की लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार देर रात मोदीनगर के गिन्नी देवी नेत्र चिकित्सालय को सील करने के आदेश जारी किए।
अस्पताल को सील करने की कार्रवाई बृहस्पतिवार को की जाएगी। दूसरी ओर एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक 8 मरीजों की तो एक-एक आंख की, जबकि एक मरीज की दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है।
एम्स में 10 दिन तक डॉक्टर सभी मरीजों की दूसरी आंख बचाने के लिए इलाज करते रहे। फिलहाल मोदीनगर की एक महिला एम्स में भर्ती है। मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार शाम तक आ सकती है।
इधर, बुधवार को मोदीनगर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी नीरज अग्रवाल ने अस्पताल में पहुंचकर जांच पड़ताल एवं संबंधित रिपोर्ट ली है।
हापुड़ से पता चला है कि नेत्र जांच शिविर लगाने के लिए प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। नेत्र चिकित्सालय प्रबंधन ने ऑपरेशन में प्रयुक्त उपकरण दिल्ली एम्स में जांच के लिए भेजे हैं।
बोले डॉक्टर
आपरेशन कक्ष साफ सुधरा है। कहां क्या परेशानी हुई इसके लिए आपरेशन संबंधी उपकरण जांच के लिए एम्स में भेजे हैं? एम्स की रिपोर्ट आने के बाद की मरीजों की आंखों में हुई परेशानी पता चलेगी।
जांच अधिकारी की बात
मामले की जांच कर रहे मोदीनगर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी नीरज अग्रवाल ने बताया कि 8 लोगों की एक-एक आंख की रोशनी गई है।
दूसरी आंख की रोशनी बचाने के लिए एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं एक की दोनों आंखों की रोशनी जाने की सूचना है।
यह हैं पीड़ित मरीज
हापुड़ आदर्श नगर कालोनी की फूलवती, जसरूपनगर की राजेंद्री देवी, पंचशील कालोनी की जगवती, कोटला मेवातियान की फरजाना, आदर्श नगर निवासी जुम्मन, मजीदपुरा निवासी अमाना खातून और गढ़ निवासी शिक्षा देवी के अलावा पतला मोदीनगर निवासी नेपाल और हिसखेड़ा अमरोहा निवासी लाला सिंह हैं। लाला सिंह की दोनों आंखों की रोशनी जाने की सूचना है।
दोषियों पर होगी एफआईआर
सीएमओ अजेय अग्रवाल ने बताया कि मोदीनगर में मोतियाबिंद ऑपरेशन में बरती गई लापरवाही के मामले में अस्पताल को सील करने के साथ जांच टीम बिठा दी गई है।
जांच टीम में शामिल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संजय अग्रवाल और मोदीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. नीरज अग्रवाल बृहस्पतिवार शाम तक अपनी रिपोर्ट देंगे। मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ डीएम से अनुमति लेकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आदेश मिला, आज होगी कार्रवाईः अपर चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि आदेश मिल गया है। बृहस्पतिवार को हम टीम समेत मौके पर जाएंगे और जांच के बाद आदेशानुसार सीलिंग की कार्रवाई करेंगे।