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अमूल प्लांट से लाखों लीटर दूध का गबन, ऐसे चलता था काला बाजार

Sun, 06 Jan 2019 07:29 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, फरीदाबाद
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डेमो - फोटो : डेंमो
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इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) स्थित अमूल डेयरी के दूध प्लांट से लाखों लीटर दूध का गबन करने के आरोप में क्राइम ब्रांच एनआईटी ने प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में छह अमूल के प्लांट में ही कार्यरत हैं। पुलिस ने इनसे 80 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से दो को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया, जबकि अन्य सात आरोपी रिमांड समाप्त होने पर दो जनवरी को जेल भेज दिए गए थे।

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क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि 30 नवंबर 2018 को थाना सदर बल्लभगढ़ में गुजरात के ट्रांसपोर्टर अनिल चौधरी ने मामला दर्ज करवाया था कि उनके टैंकर अमूल प्लांट में दूध लाने के लिए लगे हुए हैं। पिछले कुछ समय से एक टैंकर में कंपनी का दूध चोरी हो रहा है और उसमें टैंकर चालक का हाथ है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने उस टैंकर के चालक हसनपुर निवासी महेश को गांव कैली के पास टैंकर से दूसरे टैंकर में दूध भरवाते हुए गिरफ्तार किया।

पूछताछ के दौरान महेश ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिस भी चौंक गई। महेश ने पुलिस को बताया कि आईएमटी स्थित अमूल दूध प्लांट में गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित बनास डेयरी से दूध आता है। सप्ताह में दो दिन ट्रेन के माध्यम से बनासकांठा से दूध भगौला, पलवल स्थित शीत गृह (चिलिंग प्लांट) में उतरता है। वहां से टैंकर के माध्यम से दूध आईएमटी स्थित अमूल प्लांट में पहुंचता है।
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अमूल प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी लिक्विड मिल्क प्रोसेसर हेड अमृत चौधरी ने प्लांट के ही मापतौल अधिकारी अशोक भाई को अपने साथ मिलाकर दूध चोरी करने की योजना बनाई। इसमें कई और कर्मचारियों को भी शामिल किया गया। महेश ने बताया कि जुलाई 2018 में पहली बार प्लांट से दूध का टैंकर बाहर निकाला गया। 

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एक टैंकर पर लेता था पौने चार लाख रुपये 

भगौला से पहले दूध का कंटेनर आईएमटी प्लांट में पहुंचा, वहां उसका वजन हुआ, सैंपल लिया गया, मगर टैंकर में से दूध खाली नहीं किया गया। कागजों में उस टैंकर को खाली दिखाकर वापस बाहर भेज दिया गया। अमूल प्लांट के बाहर ही ढाबा चलाने वाले मच्छगर निवासी अजय उर्फ भूरा ने उस टैंकर को छह लाख में बेच दिया। उसने वह दूध बुलंदशहर, मेरठ, हापुड़ में बेच दिया था।

सारा खेल समझने के बाद पुलिस ने प्लांट में वरिष्ठ अधिकारी पालमपुर, गुजरात निवासी अमृत चौधरी, बनासकांठा निवासी अशोक, पाटन, गुजरात निवासी शैलेश, महेंद्र, हसनपुर निवासी महेश, बुलंदशहर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू, मच्छगर निवासी अजय, हापुड़ निवासी आरिफ, बनासकांठा निवासी भारत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे 80 लाख रुपये बरामद किए हैं। 

मामले के जांच अधिकारी एसआई अयुब खान ने बताया कि इस मामले का मास्टर माइंड अमृत चौधरी एक टैंकर पर 3.75 लाख रुपये लेता था। उसमें से आगे अशोक को 60 से 70 हजार रुपये मिलते थे। उसमें से वह आगे कर्मचारियों को बांटता था। यह सारा खेल नवंबर 2018 तक चला। पांच माह में आरोपियों ने प्लांट  से 15 टैंकर इस तरह निकाल दिए थे, जिनमें करीब 30 लाख लीटर दूध था।

पुलिस के अनुसार एक टैंकर में 20.800 लीटर दूध आता है। अमूल प्रबंधन के अनुसार आरोपियों ने कंपनी को करीब 1.28 करोड़ रुपये के दूध का गबन किया है। पुलिस ने इसमें से करीब 80 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। एक आरोपी राजेंद्र अभी फरार है। पुलिस को बाकी की रकम उससे मिलने की उम्मीद है।
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