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डबल बैड के बॉक्स में बंद हुई 84 वर्षीय बुजुर्ग महिला, पुलिस ने बचाई जान

Fri, 17 Jul 2020 12:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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बच गई महिला की जान... - फोटो : अमर उजाला
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करोल बाग स्थित देव नगर में बृहस्पतिवार शाम एक 84 साल की बुजुर्ग महिला धोखे से डबल बैड के बॉक्स में बंद हो गई। महिला घर में अकेली रहती थी। कालकाजी के अलकनंदा में रहने वाली पोती ने दादी की देखभाल के लिए घर में सीसीटीवी केमरे लगाकर मोबाइल पर एक्सिस लिया हुआ था। 

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इत्तेफाक से हादसे के समय पोती नैंसी अपनी दादी स्वर्श कोहली (84) को देख रही थी। दादी को मुसीबत में देखकर उसने फौरन पुलिस से मदद मांगी और खुद पति के साथ करोल बाग की ओर भागी। लेकिन नैंसी के पहुंचने से पहले ही प्रसाद नगर थाना पुलिस ने बुजुर्ग दादी के फ्लैट का दरवाजा तोड़कर उन्हें बैड के अंदर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नैंसी और बुजुर्ग महिला पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रहे हैं।

मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि करीब 3.45 बजे प्रसाद नगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक अकेली बुजुर्ग महिला दूसरी मंजिल के अपने फ्लैट के अंदर डबल बैड के बॉक्स में खुद ही कैद हो गई हैं। समय पर न पहुंचा गया तो कुछ अनहोनी हो सकती है। सूचना मिलते ही फौरन थाने से दो इंस्पेक्टर व अन्य पुलिस कर्मियों की टीम को मकान नंबर-14बी/6 देव नगर, करोल बाग भेजा गया। 
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फ्लैट का दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने बिना देर किए हथौड़े की मदद से फ्लैट का दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंची। अंदर बैड का बॉक्स बंद था। उसमें बुजुर्ग स्वर्श कोहली को लगभग हांफते हुए निकाला गया। दम घुटने की वजह से उनकी सांस फूल रही थी। इस बीच स्वर्श कोहली की पोती नैंसी वहां पहुंच गई।

नैंसी ने बताया कि उसकी दादी मकान में अकेली रहती है। वह खुद कालकाजी के अलकनंदा इलाके में पति व अन्य लोगों के साथ रहती है। दादी की देखभाल के लिए उसने घर के हर कमरे में सीसीटीवी फुटेज लगाया हुआ है। नैंसी ने मोबाइल पर सीसीटीवी कैमरों की एक्सिस लिया हुआ है। बृहस्पतिवार को वह मोबाइल से घर बैठे ही दादी को देख रही थी। उसने देखा कि दादी अपने कमरे का डबल बैड का बॉक्स खोल रही है। 

अचानक दादी का संतुलन बिगड़ा और वह बैड के बॉक्स में गिर गई। ऊपर से बैड गद्दे के वजन से खुद ही बंद हो गया। दादी बुजुर्ग होने के कारण बैड से निकल भी नहीं पा रही थी। यह सब देखते ही फौरन उसने पुलिस से मदद मांगी और खुद करोल बाग की ओर भागी। समय पर मदद मिलने की वजह से बुजुर्ग महिला की जान बच गई। नैंसी पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रही है।

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