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दिल्लीः चांदनी महल थाने के इंस्पेक्टरों समेत 80 पुलिसकर्मियों को किया क्वारंटीन

Fri, 17 Apr 2020 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 
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क्वारंटीन के बाहर कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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चांदनी महल थाने के दो सिपाहियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। आनन-फानन में थाने में तैनात लगभग सभी पुलिसकर्मियों को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया है। संक्रमित दो सिपाहियों में से एक एसएचओ का ऑपरेटर भी है। 

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इसलिए आशंका है कि एसएचओ भी कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। अधिकारियों ने एसएचओ समेत थाने के तीनों इंस्पेक्टरों को क्वारंटीन होने का आदेश दिया है। जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि फिलहाल थाने 80 पुलिसकर्मियों को क्वारंटीन किया गया है, इसमें इंस्पेक्टर से नीचे रैंक के सभी पुलिसकर्मी शामिल हैं। 

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल थाने का प्रभार विजिलेंस में तैनात इंस्पेक्टर तार्केश्वर को दिया गया है। दोनों सिपाही एम्स में भर्ती हैं और वह किस-किस के संपर्क में आए यह पड़ताल की जा रही है। बृहस्पतिवार को सभी पुलिसकर्मियों का के सैंपल लिए गए।
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जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चांदनी महल थाने के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी के इंचार्ज समेत 19 पुलिसकर्मियों को भी क्वारंटीन होने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही थाने के सभी पुलिसकर्मियों को कोविड-19 का टेस्ट कराने के लिए भी कहा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि क्वारंटीन किए गए सभी पुलिसकर्मियों को पहाड़गंज के होटल में रखा गया है। 

दरअसल, मरकज में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित जमाती मिलने के बाद पता चला था कि चांदनी महल इलाके की अलग-अलग मस्जिदों में भी काफी जमाती छिपे हुए हैं। प्रशासन के साथ छापामारी कर पुलिस ने यहां से करीब 185 जमातियों को निकालकर गुलाबी बाग के क्वारंटीन सेंटर भेजा था। यहां से निकाले गए करीब 57 जमाती कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। बड़ी संख्या में कोरोना मरीज मिलने की वजह से दिल्ली सरकार ने चांदनी महल के कई इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया था। यहां की सुरक्षा व्यवस्था बाहर की भी फोर्स संभाल रही है।

अतिरिक्त फोर्स के रुकने का इंतजाम थाने के बैरक में था। माना जा रहा है कि इलाके के लोगों के संपर्क में आने की वजह से पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हुए। यहां मौजूद कितने पुलिसकर्मी संक्रमित निकलते हैं और यह लोग किन-किन लोगों से मिले हैं, इसकी जांच अभी जारी है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि थाने के जवान, दोनों कोरोना संक्रमित सिपाही भी पुलिस उपायुक्त व एसीपी के दफ्तर भी जाते रहे हैं। ऐसे में किस-किस को क्वारंटीन किया जाएगा, इसका पता बाद में चलेगा। 


पुरानी दिल्ली से हटाए गए भिखारी, बेघर और नशेड़ी
चांदनी महल, चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बुधवार शाम से ही भिखारी, बेघर और नशेड़ी लोगों को हटाने का काम चला। प्रशासन ने पुलिस की मदद से इन लोगों को डीटीसी बसों में भरकर दिल्ली में अलग-अलग जगह बनाए गए क्वारंटीन सेंटर भेज दिया। बता दें कि पूरी पुरानी दिल्ली इलाके में बड़ी संख्या में बेघर, भिखारी और नशेड़ी रहते हैं। आसपास कई धार्मिक स्थल, टूरिस्ट स्पॉट और बड़ी संख्या में भीड़ आने की वजह से मांगकर इनका गुजारा होता रहता है। ऐसे नाजुक दौर में कोरोना संक्रमण फैलने के डर से प्रशासन ने रातभर कार्रवाई कर यहां से लोगों को हटाया। सूत्रों का कहना है कि करीब 50 बसों में भरकर दो हजार से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन किया गया।

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राजौरी गार्डन थाने में बनाई गई सैनिटाइजिंग सुरंग

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी थाने के बाद अब पश्चिम जिले के राजौरी गार्डन में सैनिटाइजर टनल को लगाया गया है। इस सुरंग को बनाने के पीछे पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाना है। डीसीपी पश्चिम का दावा है कि यह टनल काफी सुरक्षित व कम दाम में इस्तेमाल करने योग्य है। इस टनल में घुसने के साथ ही फव्वारे से छिड़काव होता है। मैन्युअल और स्वचालित यह टनल 5 से 10 सेकेंड में व्यक्ति को सैनिटाइज कर देती है। लाइसेंस प्राप्त मेडिकेयर कंपनी ने इसे सुुरक्षित घोषित किया है। इसकी लागत मैनुअल ऑपरेशन के साथ 70 हजार रुपये है। ब्यूरो

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