तीनों नगर निगमों में तैनात टीमों ने पिछले 15 दिन में प्रदूषण फैलाने वाले लोगों से 7,90,84,300 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला है। इसके बावजूद लोग नियमों के उल्लंघन के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं।
दक्षिणी नगर निगम ने सबसे ज्यादा चालान किए हैं। सेंट्रल जोन, साउथ जोन, वेस्ट जोन और नजफगढ़ जोन में खुले में कचरा जलाने पर 1508, निर्माण कार्यों से प्रदूषण पर 350, खुले में मलबा डालने पर 269 और सड़क से धूल उड़ाने पर 2145 चालान किए। 15 से 31 अक्तूबर तक 4272 चालान कर 1.84 करोड़ की राशि बतौर जुर्माना वसूली गई।
उधर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के केशवपुरम, सदर पहाड़गंज, करोल बाग, नरेला, सिविल लाइंस और रोहिणी जोन में 15 से 31 अक्तूबर तक 7959 स्थानों का निरीक्षण किया गया। 3048 स्थानों पर नियमों का उल्लंघन मिला। इनमें से 2983 के चालान काटे गए। इससे निगम ने 5.57 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। निगम ने इस दौरान 8599 एमटी मलबा हटाया। 2800 किमी सड़कों पर पानी छिड़का और 5420 किमी सड़कों को मैकेनिकल स्वीपिंग से साफ किया।
उधर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने गत 24 घंटों में प्रदूषण फैलाने के लिए 25 चालान किए। 15 अक्तूबर से शुरू कार्रवाई के दौरान ईडीएमसी ने अब तक 925 जगहों पर नियमों का उल्लंघन पाया और 502 चालान किए। इनसे निगम ने 49 लाख से ज्यादा रकम जुर्माने के तौर पर वसूली।