एनएच-58 से सटी आठ कालोनियों में पेयजल योजना को पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार के बाद अब प्रदेश सरकार ने भी योजना के लिए फंड जारी कर दिया है।
योजना के लिए 31 करोड़ की पहली किस्त नगर निगम को जारी की गई है। अब नगर निगम यह फंड जल निगम को जारी करेगा। पैसा मिलने के बाद जल निगम ने योजना पर काम शुरू कर दिया है।
यूआईडीएसएसएमटी स्कीम में बनी 73.83 करोड़ की इस पेयजल योजना में महानगर की आठ कालोनियों को पेयजल आपूर्ति की जानी है। 30 ट्यूबवेल और 8 ओवरहेड टैंक और 178 किलोमीटर लंबी वाटर लाइन बिछाकर घर-घर पानी पहुंचाया जाएगा।
योजना की डीपीआर वर्ष 2013 में ही मंजूर हो गई थी। करीब सात महीने पहले केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए अपने हिस्से का बजट भी प्रदेश सरकार को जारी कर दिया था।
प्रदेश सरकार को राज्य का हिस्से का बजट मिलाकर जारी करना था। लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने नगर निगम को इसकी पहली किस्त 31 करोड़ रुपया जारी कर दिया है।
जल निगम के चीफ इंजीनियर वाईके जैन ने बताया कि योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही नगर निगम से बजट मिल जाएगा।
इन कालोनियों में पेयजल संकट होगा दूर
नंदग्राम, घूकना, सिहानी, नूरनगर, सद्दीकनगर, सेवा नगर, दुहाई, मोरटा
एनएच-24 की कालोनियों को पानी के लिए करना होगा इंतजार
एनएच-24 की कालोनियों को पानी के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। जल निगम ने बागू, शांतिनगर, डूंडाहेड़ा, अकबरपुर-बहरामपुर, विजय नगर के लिए पेयजल योजना (सीएचए पार्ट-2) की डीपीआर तैयार की है।
जल निगम जल्द ही इस डीपीआर को शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजेगा।