अनुभवी एजेंसी को ही मिलेगी काम की जिम्मेदारी
द्वारका प्रोजेक्ट डिवीजन-5 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से जारी टेंडर में साफ किया गया है कि डीडीए के अप्रूव्ड और पात्र ठेकेदारों को ही टेंडर दिया जाएगा। टेंडर बिड में वही ठेकेदार शामिल हो पाएंगे जिन्होंने डीडीए के कांट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन बोर्ड (सीआरबी) में रजिस्ट्रेशन कराया होगा।
2010 में आवंटित किए गए थे फ्लैट्स
डीडीए ने द्वारका हाउसिंग प्रोजेक्ट डिवीजन-5 के तहत 2010 में 760 एलआईजी फ्लैट्स आवंटित किए थे। यह द्वारका सेक्टर-14 के पॉकेट-3 में स्थित हैं। साल पुराने ये फ्लैट्स पुराने डिजाइन से बनाए गए हैं। पुराने कॉलम, बीम और स्लैब में दरारों या कमजोरी की जांच कर इन्हें ठीक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कार्बन फाइबर रैपिंग, स्टील जैकेटिंग का उपयोग हो सकता है। शीयर वॉल या ब्रेसिंग से सिस्मिक रेट्रोफिटिंग की जाएगी।
छतों, दीवारों और बालकाेनियों में रिसाव को रोकने के लिए वाटरप्रूफिंग कोटिंग, टूटी दीवारों का नया प्लास्टर, पुराने दरवाजे और खिड़कियों को बदला जाएगा। पुरानी पानी की पाइपलाइनों को पीवीसी पाइप्स से बदला जाएगा। पुरानी लिफ्ट, सीढ़ियों की मरम्मत, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे कई महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे। सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने की तैयारी है। इस प्रोजेक्ट के की कुल अनुमानित लागत 10,70,01,016 रुपये है।