दिल्ली के द्वारका जिले के मोहन गार्डन इलाके में एक बुजुर्ग ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की शिनाख्त सुबोध कुमार (75) के रूप में हुई है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि सुबोध पिछले करीब पांच-छह सालों से डिप्रेशन के शिकार थे। उनका डीडीयू अस्पताल में इलाज भी चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक सुबोध कुमार परिवार के साथ गली नंबर-10, मोहन गार्डन में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी लक्ष्मी के अलावा तीन बेटे और अन्य सदस्य हैं। सुबोध के दो बेटे मुंबई में रहते हैं, जबकि तीसरा बेटा उदय उनके साथ ही रहता है। सुबोध का तीन मंजिला मकान है, वह ग्राउंड फ्लोर के कमरे में सोते थे, जबकि बाकी सदस्य ऊपरी मंजिल पर रहते हैं। सुबोध होम गार्ड विभाग से सेवानिवृत्त थे।
मंगलवार रात को वह खाना खाकर अपने कमरे में चले गए। सुबह जब वह सोकर नही उठे तो परिवारवालों ने 9.30 बजे उन्हें देखने के लिए नीचे पहुंचा। सुबोध के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांककर देखने पर पता चला कि सुबोध पंखे से लटके हुए हैं।