-दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपियों को दबोचा
-जांच में 300 शिकायतें आरोपियों के खातों से लिंक हुई
-इन खातों में 7.16 करोड़ की हुई ठगी, मल्टीलेयर अकाउंट का इस्तेमाल कर विदेश भेजी गई रकम
-दिल्ली के एक शिकायतकर्ता संजय चोपड़ा से आरोपियों ने 27.20 लाख रुपये की ठगी की
-जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची, बाकी आरोपियों की पुलिस कर रही तलाश, छानबीन जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। म्यूल अकाउंट (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल बैंक खाते) के जरिये देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खुलासा किया है। आरोपी निवेश पर अच्छ मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। बाद में उनसे मोटी रकम ठग ली जाती थी। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहचान पुणे महाराष्ट्र निवासीमयूर मारुति सानस, गौरव जाधव, हैदराबाद तेलंगाना निवासी मोहम्मद यूसुफ और मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है।
आरोपी म्यूल बैंक अकाउंट के जरिये करोड़ों रुपये की रकम विदेश भेज रहे थे। पुलिस ने इनके खातों की जांच से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 300 शिकायतों को लिंक किया है। इन बैंक खातों से पिछले कुछ दिनों में 7.16 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। इनके गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि 3 नवंबर 2025 को अपराध शाखा ने संजय चोपड़ा नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर 27.20 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया था। पीड़ित ने बताया कि उनसे व्हाट्सएप पर संपर्क कर निवेश के बारे में बताया गया। पीड़ित को निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का लालच दिया गया। बाद में पीड़ित को कोनिफर नाम का एक फर्जी एप डाउनलोड करवाया गया। बाद में उनसे जयेश लॉजिस्टिक्स के फर्जी आईपीओ में निवेश करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने आरोपियों के कहने पर 27.20 लाख रुपये निवेश कर दिए। पीड़ित ने भवानी ट्रैवल एंड टूर एजेंसी व नेक्सस-इन ब्रॉडबैंड नामक कंपनी के चार खातों में पैसा ट्रांसफर किया। निवेश पर उनको मोटा मुनाफा दिखाया गया। पीड़ित ने जब मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो उनको 22 लाख रुपये और निवेश करने के लिए कहा गया। ठगी का अहसास होने पर संजय चोपड़ा ने मामले की शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जिन चार खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ था, वह पुणे और तेलंगाना से जुड़े थे।
खाते म्यूल अकाउंट थे। पड़ताल के बाद एक टीम को पुणे और तेलंगाना भेजा गया। बाद में चारों आरोपियों को वहां से दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में मयूर मारुति के नाम स नेक्सस-इन-ब्रॉडबैंड का अकाउंट है। इस खाते में 14 लाख रुपये की रकम गई। मयूर ने बताया वह गौरव के साथ पुणे के होटल में रुका था। गौरव को उसने अपने खाते का पूरा संचालन दे दिया। गौरव भी इसी होटल में मौजूद था। उसने खाते की संचालन के अलावा सिमकार्ड व क्यू आर कोड भी मोहम्मद यूनुस व अबरार को दिए। यूनुस और अबरार दोनों ठगी की रकम को विदेश भेज रहे थे। आरोपियों के पास से बरामद खातों से 300 शिकायतें लिंक हुई हैं, इसके अलावा 7.16 करोड़ की ठगी का पता चला है।