सुप्रीम कोर्ट द्वारा बैन ब्लू व्हेल गेम स्कूलों की जरिए धीरे-धीरे घरों में प्रवेश कर रहा है। एक ऐसा ही मामला संज्ञान में आया है। एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली सात वर्षीय छात्रा को दो छात्रों ने ब्लू व्हेल गेम खेलने के लिए कहा।
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पूरा खेलना पड़ता है गेम
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- फोटो : अमर उजाला
बच्ची ने घर जाकर पापा के फोन में गेम डाउनलोड कर लिया, मगर उसके परिजनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब छात्रा रात को सोयी नहीं और रोने लगी, तब जाकर परिजनों को उसने आप बीती बताई।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
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- फोटो : सोशल मीडिया
इस घटना से ऐसा लगता है कि स्कूल के बच्चों द्वारा स्कूलों में यह ब्लू व्हेल गेम खेलने का संदेश दिया जा रहा है। इससे पहले कोई घटना घटे, स्कूलों को सतर्क होना पड़ेगा। बता दें कि दिल्ली में रहने वाली छात्रा की बुआ मीडियाकर्मी हैं।
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बुआ के पूछने पर बच्ची ने उन्हें इसके बारे में बताया कि स्कूल के एक छात्र ने उसे उस गेम को खेलने के लिए कहा था। घर के सभी सदस्य चौंक गए। बच्ची स्कूल जाने से डर रही थी लेकिन घरवालों ने उसे समझा बुझाकर स्कूल भेज दिया। वहीं, बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। साथ ही वह बुरी तरह से सहमी हुई है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
7 वर्षीय बच्ची की मीडियाकर्मी बुआ ने बृहस्पतिवार को अपनी फेसबुक टाइम लाइन पर सभी वाक्य और उसकी वीडियो शेयर की है। फेसबुक टाइम लाइन के अनुसार, छात्रा ने यह गेम अपने पिता के फोन में डाउनलोड कर रखा था। छात्रा बार-बार बुरी तरह से रो रही है और अब स्कूल और वैन में जाने से इनकार कर रही है। फोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिंह ने बताया कि वह अपनी तरफ से स्कूलों को सलाह देंगे कि इस तरह घटनाएं रोकने के लिए स्कूल ठोस प्रबंध करे।
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खूनी है ब्लू व्हेल गेम : इस गेम का ताजा शिकार मुंबई का 14 साल का बच्चा किशोर मनप्रीत हुआ था। मनप्रीत ने गेम के चैलेंज को पूरा करने के लिए 7वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। यही नहीं इस गेम ने दुनिया में अब तक 200 से ज्यादा लोगों को मौत के नींद सुला दिया है। इस गेम में 50 स्टैप होते हैं, जिसमें 50वां स्टेप सुसाइड का बताया जा रहा है।
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क्या है ब्लू व्हेल गेम? ब्लू व्हेल गेम या द ब्लू व्हेल चैलेंज नाम का गेम रूस के फिलिप बुडेकिन नाम के शख्स ने 2013 में बनाया था। इस खेल में एक एडमिन होता है, जो खेलने वाले को अगले 50 दिन तक बताता रहता है कि उसे आगे क्या करना है। खेल के आखिरी दिन खेलने वाले को खुदकुशी करनी होती है और उससे पहले एक सेल्फी लेकर अपलोड करनी होती है। यदि एक बार गेम खेलना शुरू कर दिया, तो वो इसे बीच में नहीं छोड़ सकता। यदि गेम को बीच में छोड़ दिया तो एडमिन आपका फोन हैक कर लेगा और फोन की सारी डिटेल हैक एडमिन के पास चली जाएगी। अगर कोई बीच में गेम छोड़ना चाहे, तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती रहती है कि उसे या फिर उसके माता-पिता को जान से मार दिया जाएगा।
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क्यों बनाया गया यह गेम? 2016 में इस गेम के डेवलपर फिलिप वुडकिन को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त 15 बच्चों ने आत्म हत्या की थी। वुडकिन से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह साइकोलॉजी का स्टूडेंट है। वुडकिन ने पुलिस को बताया कि उसका मकसद समाज की सफाई करना है। वुडकिन के मुताबिक जो अपने जीवन का मूल्य नहीं समझते ,वो समाज के लिए कचरा हैं और उनकी सफाई करना जरूरी है।
अभिभावकों को सतर्क होना पड़ेगा। बच्चों को मोबाइल से जितना दूर रखा जाए उतना अच्छा है। खास तौर पर बच्चों को रात में मोबाइल से दूर रखें। चूंकि ब्लू व्हेल से संबंधित लिंक रात में ज्यादा आते हैं। स्कूल और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को मोबाइल ज्यादा गेम न खेलने दें। गेम की बुरी लत बच्चों का भविष्य बिगाड़ सकती है। बच्चे यदि मोबाइल पर कुछ खेलते हैं तो चेक जरूर करें।-अनुज अग्रवाल, साइबर एक्सपर्ट
सीबीएसई बोर्ड के साथ-साथ सभी स्कूलों में एडवाइजरी जारी की जाएगी। यदि सीबीएसई के साथ-साथ किसी भी स्कूल में बच्चों को इससे संबंधित परेशानी हुई तो कार्यवाही की जाएगी।-पी.केउपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक