विकास चौधरी की हत्या को अंजाम देने के लिए हमलावरों ने पुख्ता प्लानिंग की थी। बदमाशों ने विकास की हत्या के लिए एक मुख्य टीम के अलावा दो रिजर्व टीमें बनाई थी, जो कि मुख्य टीम से थोड़ा अलग खड़ी थी। मुख्य टीम के असफल होने या फिर उन पर किसी तरह का हमला होने की सूरत में रिजर्व टीमों को मोर्चा संभालना था। पुलिस ने हत्या के दौरान मौके पर मौजूद चार बदमाशों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। इन्हें बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि वारदात को अंजाम देने वाली मुख्य टीम एसएक्स-4 गाड़ी में थी। इसमें कौशल का सबसे विश्वासपात्र शूटर झज्जर निवासी सज्जन उर्फ भोला, विकास उर्फ माले, सचिन खेड़ी और दो अन्य बदमाश सवार थे। जबकि इनसे थोड़ी दूर कार में गांव फरीदपुर निवासी सौरभ और अतुल व एक एसेंट कार में अमरदीप उर्फ हन्नी व एक अन्य बदमाश सवार था। सचिन खेड़ी को यहां के सारे रास्ते पता होने के कारण एसएक्स-4 गाड़ी को वहीं चला रहा था। वारदात के दौरान सज्जन उर्फ भोला और विकास उर्फ माले विकास चौधरी पर गोलियां चलाई थी, जबकि बाकी सब आसपास नजर रखे हुए थे। गिरफ्तार आरोपी सौरभ ने बताया कि विकास चौधरी के साथ हमेशा बाउंसर रहते थे।
ऐसे में वारदात के दौरान वहां उसके बाउंसर होते या पब्लिक जमा होने पर माले और सज्जन की टीम को भागना पड़ता तो पीछे की गाड़ियों में सवार बदमाशों को विकास की हत्या करनी थी। घटना वाले दिन हत्यारोपी अलग-अलग कारों में सोनीपत, दिल्ली और फरीदाबाद से यहां पहुंचे थे। हत्याकांड को अंजाम क्यों दिया गया, गिरफ्तार आरोपियों में से किसी को कुछ नहीं पता और न ही उन्हें अभी इसके लिए कोई पैसा मिला है। मंगलवार को गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सौरभ और अतुल से एक-एक पिस्तौल व छह कारतूस भी बरामद किए हैं।