दिल्ली में पिछले कुछ दिनों के दौरान फैले स्वाइन फ्लू संक्रमण को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जहां अब तक दिल्ली स्वास्थ्य विभाग फ्लू से होने वाली मौतों से इंकार कर रहा था। वहीं मंत्रालय की रिपोर्ट का दावा है कि दिल्ली के ही निवासी सात लोगों ने स्वाइन फ्लू के कारण विभिन्न अस्पतालों में दम तोड़ा है।
10 फरवरी 2019 तक की स्थिति सामने लाने वाली इस रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी से 10 फरवरी के बीच दिल्ली में पहली बार 1669 मरीज स्वाइन फ्लू ग्रस्त पाए गए हैं। देश में राजस्थान (2941) के बाद ये आंकड़ा सबसे ज्यादा है। यानि कि दिल्ली देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां पिछले दिनों में सबसे ज्यादा स्वाइन फ्लू ग्रस्त मरीज दर्ज किए हैं।
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी से 10 फरवरी के बीच देश भर में 9367 मरीज पंजीकृत हुए हैं। जबकि 312 लोगों ने उपचार के दौरान फ्लू की वजह से दम तोड़ा है। इनमें सबसे ज्यादा मौतें भी राजस्थान में ही हुई हैं। राजस्थान में 107 लोगों की फ्लू के कारण मौत हुई है। जबकि दिल्ली से ही सटे हरियाणा में भी सात मरीजों की मौत दर्ज की है।
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में ही वर्ष 2017 में 16 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन महज 40 दिन के भीतर 7 लोगों की मौत होना वर्ष 2010 के बाद गंभीर स्थिति बता रहा है। हालांकि दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को रिपोर्ट आने के बाद भी अपनी ओर से कोई टिप्पणी नहीं की। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए इलाज व्यवस्था पर जोर देने से ज्यादा विभाग मौतों व मरीजों की संख्या को क्यों छिपाने में जुटा है?