लोकतंत्र के सबसे बडे़ पर्व में इस बार मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मतदाता जागरुकता को लेकर अमर उजाला की मुहिम, चुनाव आयोग के प्रयास और स्थानीय जिला प्रशासन की मेहनत रंग लाई। बृहस्पतिवार को सुबह से शाम तक मतदेय केंद्रों पर जमकर वोट डाले गए।
पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा मतदान किया गया। पिछले तीन लोकसभा चुनावों में जिस सीट पर मतदाता मात्र 46-47 प्रतिशत पर ही सिमट जाते थे, उसी सीट से इस बार करीब 60 फीसदी लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया।
बृहस्पतिवार को सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, मतदाताओं की लंबी लाइन मतदेय स्थलों पर लगनी शुरू हो गईं। दिन चढ़ने के साथ ही मतदाताओं का उत्साह भी बढ़ता ही गया। धूप और गर्मी भी उनके उत्साह को रोक न सकी। स्थिति यह रही कि शाम को निर्धारित समय के बाद भी मतदान होता रहा।
जिले में सामान्य मतदान 50 फीसदी से कम पर ही सिमट जाता था। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाताओं को जागरुक करने का अभियान महीनों से चलाया जा रहा था।
अमर उजाला ने इस अभियान को प्रमुखता से चलाया था। राजनीतिक दलों, प्रशासन और अन्य सूचना माध्यमों ने भी मतदाताओं से लगातार मताधिकार के प्रयोग की अपील की थी। इसका असर भी हुआ।
मतदान में शहर विस रही सबसे आगे
विधानसभा वोटिंग
गाजियाबाद 65.59%
मोदीनगर 64.47%
मुरादनगर 63.81%
धौलाना 63.5%
लोनी 59.9%