राजधानी के सबसे व्यस्त आनंद विहार बस अड्डे पर प्रदूषण से जंग के लिए छह एंटी स्मॉग गन तैनात की जाएंगी। इसके लिए ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीटीआईडीसी) की ओर से करीब 58 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। आनंद विहार बस अड्डा राजधानी में प्रदूषण का सबसे बड़ा हाटस्पॉट है। यहां रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है। एंटी स्मॉग गन लगने से लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) आम दिनों में हमेशा 400 के पार रहता है जो गंभीर श्रेणी है। ये स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। शनिवार को यहां का एक्यूआई 421 दर्ज किया गया। बीते दिनों पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आनंद विहार का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने मौके पर जाकर धूल नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क मरम्मत के कामों का जायजा लिया था। साथ ही, उन्होंने डीपीसीसी की ओर से लगाए गए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की कार्यप्रणाली देखी थी और अधिकारियों से रिपोर्ट भी ली थी।
दिन-रात तैनात रहेंगी 78 टीमें
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए शाहदरा दक्षिणी जोन ने आनंद विहार हॉटस्पॉट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 78 विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें तीन शिफ्टों में काम करेंगी और अवैध पार्किंग, अतिक्रमण व धूल फैलाने वाले स्रोतों पर सख्त कार्रवाई करेंगी। छह स्मॉग गनों को बस अड्डे के परिसर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। एक स्मॉग गन में एक हजार लीटर पानी की क्षमता होगी।
रोजाना हजारों बसों की होती है आवाजाही
आनंद विहार आईएसबीटी बस अड्डे से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए रोजाना सैकड़ों बसों की आवाजाही होती है। इसमें लाखों लोग सफर करते हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश के लिए ही यहां से करीब 900 बसें रोजाना चलती हैं। इस दौरान यात्रियों को प्रदूषित वातावरण में इंतजार करना पड़ता है।