दिल्ली एम्स में कोरोना प्रभावित कर्मचारियों की संख्या 561 हो गई है। वहीं, इनके परिजन भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिनकी संख्या 401 है। बताया जा रहा है कि एम्स के 5 फैकल्टी, 24 रेजिडेंट डॉक्टर और 100 नर्सिंग स्टाफ संक्रमित हैं। 30 मई तक एम्स में 479 स्टाफ व परिजन संक्रमित थे। इनमें 268 एम्स के स्टाफ और 193 उनके परिजन थे।
स्टाफ में से मुख्य रूप से 2 फैकल्टी, 17 रेजिडेंट डॉक्टर और 38 नर्सिंग स्टाफ पॉजिटिव पाए गए, लेकिन अब 10 जून तक की रिपोर्ट में कुल पॉजिटिव की संख्या 962 हो गई है। यानी, 11 दिनों में एम्स में 483 नया स्टाफ और उनके परिजनों में कोविड संक्रमण पाया गया है। पिछले 11 दिनों में औसतन हर रोज 43 मरीज पॉजिटिव हुए हैं। केवल 10 जून की रिपोर्ट में 32 पॉजिटिव आए हैं, इसमें से एक रेजिडेंट डॉक्टर और 6 नर्सिंग स्टाफ प्रमुख रूप से संक्रमित मिले हैं।
गुलेरिया ने कहा- पूर्वानुमान हो सकता है फेल
दिल्ली एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने शुक्रवार को कहा कि हम मानते हैं कि दुनियाभर में कोरोना मामलों की संख्या के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है, परंतु यह आबादी की वजह से है। हमें यह देखना होगा कि प्रति मिलियन जनसंख्या पर मामलों की संख्या हमारे यहां अभी भी काफी कम है।
डॉ. गुलेरिया ने आगे कहा कि दिल्ली में मामलों की संख्या उतनी अधिक नहीं हो सकती जितनी कि पूर्वानुमान था। वह एक गणितीय आकलन था जो फेल हो सकता है। लेकिन फिर भी जो भी संख्या है, उसके लिए हमे अपनी क्षमता को बढ़ाना है ताकि हम स्वास्थ्य प्रणाली पर बढ़ने वाले भार को प्रबंधित कर सकें।
डॉ. गुलेरिया ने यह बात उस पूर्वानुमान के संदर्भ में कही जिसमें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने कहा था कि जुलाई के अंत तक राजधानी में कोरोना मरीजों की संख्या साढ़े पांच लाख हो सकती है।