देश में दिन-प्रतिदिन आ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए एक निजी संस्था लोकल सर्कल के सर्वे में जानकारी मिली है कि 53 फीसदी लोग कोरोना के प्रकोप को देखते हुए लॉकडाउन के पक्ष में हैं वहीं, 58 फीसदी लोगों ने माना है कि शहर और गांव के जिले के पास कोरोना महामारी को काबू करने के लिए तैयारियों में कमी है।
देश के 242 जिलों में किए गए सर्वे में 24 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी राय दी है। इसमें 65 फीसदी पुरुष और 35 फीसदी महिला शामिल थे। सर्वे को तीन चरणों में बांटकर किया गया था। पहले चरण में लोगों से पूछा गया कि कोरोना के वर्तमान के मामलों को देखते हुए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जाने चाहिए। जिसके उत्तर में 53 फीसदी लोगों ने लॉकडाउन को लेकर अपनी राय दी है। वहीं, 46 फीसदी लोगों का कहना है कि लॉकडाउन नहीं होना चाहिए। दूसरे चरण में पूछा गया कि यदि सरकार कोरोना के साथ जीवन को साथ लेकर चलने का मॉडल को अपनाती तो जनता इसे कितना स्वीकार करती।
इसके उत्तर में चार फीसदी लोगों ने कहा है कि वह पहले की तरह बाहर जाते, वहीं 47 फीसदी लोगों ने कहा है कि वे बहुत जरूरी आवश्यकता होने पर ही बाहर का रुख करते। तीसरे चरण में लोगों से पूछा गया कि वे कितना मानते हैं कि उनके शहर और गांव कोरोना से निपटने के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में सक्षम हैं। इसके जवाब में पांच फीसदी लोगों ने कहा कि पूरी तरह सक्षम थे, 25 फीसदी लोगों ने कहा कि कुछ हद तक सक्षम थे वहीं, 27 फीसदी लोगों ने कहा कि बिल्कुल भी तैयार नहीं थे।