राजधानी में पहले 100 कंटेनमेंट जोन बनने में 65 दिन का समय लगा था, लेकिन अब 10 दिन में ही 523 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। संक्रमण के मामले बढ़ने से इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रतिदिन औसतन 52 रेड जोन बनाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 7 सितंबर तक दिल्ली में 1114 रेड जोन थे, जो अब बढ़कर 1637 हो गए हैं। लिहाजा, 10 दिन में ही 523 रेड जोन बन गए हैं। दिल्ली में 30 जुलाई से कंटेनमेंट जोन को लेकर नया नियम लागू हुआ था, जिसके तहत संक्रमण का अंतिम मामले मिलने के 14 दिन बाद ही उस क्षेत्र को कंटेनमेंट मुक्त किया जाता है। पहले यह नियम 28 दिन का था।
इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि रेड जोन की संख्या घटेगी, लेकिन लगातार केस बढ़ने और छोटे-छोटे इलाकों को सील करने से कंटेनमेंट जोन की सख्या में इजाफा हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सख्त कदम उठा रहा है। जहां संक्रमण के मामले आ रहे हैं, उसके आसपास के क्षेत्र को तुरंत सील किया जा रहा है।
यहां रहने वाले लोगों यहां लोगों को बेवजह बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। राशन आदि की आपूर्ति प्रशासन की ओर से उपलब्ध करा दी जाती है। नया मामला न आने के 14 दिन के बाद ही इलाके को कंटेनमेंट मुक्त किया जाता है।