एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के नेता दयानंद शर्मा का कहना है कि मांगे पूरी होने का आधिकारिक आदेश होने तक हड़ताल जारी रहेगी। शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कर्मचारियों छह अलग-अलग वेतनमानों पर भुगतान किया जाता है, जिससे असमानता पैदा होती है।
25-30 साल तक काम करने के बावजूद मेडिकल अवकाश नहीं मिलता है। ड्यूटी के दौरान जोखिम भरे हालात में काम करने वाले कर्मचारियों की मौत होने पर उनके परिजनों को नौकरी तक नहीं मिलती है। कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिवार के सदस्य को नौकरी मिल जाए तो घर खर्च चलाने में दिक्कत नहीं आएगी।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने हड़ताल स्थल पर कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को कर्मचारियों की सारी मांगे तुरंत पूरी करनी चाहिए। भाजपा शासित एमसीडी वित्तीय संकट का बहाना बना रही है, जबकि विज्ञापनों और रैलियों पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस उनकी लड़ाई को अंजाम तक लेकर जाएगी। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के नेता और वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और कहा कि पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों की हड़ताल से हालात और बिगड़ सकते हैं।