500 और 1000 रुपये के नोट पर पाबंदी के फैसले का असर शादियों के सीजन पर पड़ना तय माना जा रहा है। सबसे अधिक असर दो दिन बाद देवउठानी एकादशी से शुरू होने जा रहे शादियों के मुहूर्त पर दिखाई देने लगा है।
खुशी के माहौल में लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। बड़े नोट पर लगी रोक के बाद शादी वाले घरों में तैयारियां छोड़ 100 रुपये के नोट जुटाने का इंतजाम हो रहा है। वहीं, नगद से ज्यादा उधारी पर जोर दिया जा रहा है।
बता दें दो दिन बाद यानि 11 नवंबर को देवउठानी एकादशी है। इस दिन हर साल बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। इस बार इस दिन जिले में 500 से ज्यादा शादियां हैं। लोगों ने हलवाई, टेंट वाले आदि को देने के लिए नरग घर पर रखा है लेकिन मोदी नीति के चलते यह पैसा अब लेन-देन के काम का नहीं है।
ऐसे में लोग बैंक जाकर भी बदलवाते हैं तो सिर्फ 4 हजार रुपये ही बदलवा सकेंगे। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। नकदी होने के बावजूद अब उनके सामने नकदी ही सबसे बड़ी समस्या बन कर खड़ी हो गई है।