दिल्ली में कोरोना वायरस के पहले चरण के टीकाकरण के लिए स्थापित 500 इकाइयों पर काम जोरों से चल रहा है। वैक्सीन का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखने के लिए भंडारण सुविधाओं पर फ्रीजर भी व्यवस्था भी की जा रही है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने रविवार को दो कोविड-19 टीकों के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने का स्वागत किया था और कहा कि टीका पहुंचते ही दिल्ली सरकार टीकाकरण शुरू करने को तैयार है। जैन ने कहा कि पहले चरण में करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले करीब छह लाख लोगों को टीका लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत के औषधि महानियंत्रक ने दो टीकों के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसे संभव बनाने के लिए दिन रात काम करने वाले वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं को ढेर सारी बधाई।डीसीजीआई ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दी। जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस के 424 नए मामले सामने आए जो सात महीने से अधिक की अवधि में सबसे कम हैं। एक दिन में 14 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में अब तक 6.26 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और 10,585 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
दिल्ली में कुल एक हजार टीकाकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि पहले चरण में 500-600 केंद्र स्थापित किए जाएंगे।