दिल्ली व एनसीआर में तबाही फैलाने के लिए लश्कर के पांच खूंखार आतंकी मेवात में प्रवेश कर चुके हैं। ये राजधानी में मुंबई के 26/11 जैसा हमला करने की फिराक में हैं।
पाकिस्तान में बैठे लश्कर के आकाओं के निर्देश पर दिल्ली विधानसभा चुनाव वाले दिन यानी चार दिसंबर को तबाही के लिए इन्हें चुना गया था। गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के स्लीपर एजेंट मौलवी मो. शाहिद (28) और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है। खुफिया विभाग के सहयोग से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मो. शाहिद को गिरफ्तार किया है।
पिछले शनिवार (7 दिसंबर) की रात को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मेवात और पलवल में दबिश देकर जराली गांव की मस्जिद के इमाम हाफिज मो. हारिफ और नूंह के मेवली गांव की मस्जिद के इमाम शाहिद को हिरासत में लिया था। दो दिन बाद इमाम हाफिज मो. हारिफ को छोड़ दिया गया, मगर शाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने मेवात के टाईं गांव के कारी राशिद की तलाश में भी सात दिसंबर को दबिश दी थी, लेकिन उसे पहले ही इसकी भनक लग गई और वह फरार हो गया। शाहिद और राशिद एक दूसरे के संपर्क में थे। राशिद भादस गांव की एक मस्जिद में चार साल से इमाम है। वहां उसने हाल में एक मदरसे का निर्माण कराया है। इसी गांव में एक अन्य मस्जिद के इमाम पर भी आईबी और पुलिस की नजर है। शाहिद की गिरफ्तारी के बाद से वह लापता बताया जा रहा है।