गांवों का समुचित विकास और छोटी सरकार चलाने के लिए पंचायतीराज मंत्रालय हरियाणा समेत पांच राज्यों के सरपंचों और ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण देगा। इसके लिए फरीदाबाद, पलवल, गुडग़ांव, मेवात समेत प्रदेशभर के सभी 21 जिलों के 92 सरपंचों व ग्राम सचिवों को चयनित किया गया है। नई दिल्ली के सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में आगामी 30 नवंबर से दो दिसंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम (सरपंच सम्मेलन) आयोजित होगा। ये बात धौज गांव की सरपंच निजमा और ग्राम सचिव सूजल रावत ने बताई।
पहले चरण में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश और झारखंड से कुल 623 सरपंच व ग्राम सचिव शामिल होंगे। इन सरपंचों को प्रशिक्षण देने के लिए नौ राज्यों के उन पूर्व सरपंचों को बुलाया गया है जिन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायत में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इस सम्मेलन में फरीदाबाद जिले के धौज गांव की सरपंच निजमा, मिर्जापुर के महिपाल और साहूपुरा खादर के ताराचंद का चयन किया गया है। गुडग़ांव जिले के जानीवास, चंदाला दुर्गावास और बामरोल,मेवात के कलवारी, बिचोरी व अकलिमपुर, पलवल के घर्रोट, नडवाला व कैराका के सरपंच शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेशभर के सभी जिलों से 92 सरपंच और ग्राम सचिव चयनित किए गए हैं।
मोदी और राहुल गांधी के क्षेत्र से दो-दो सरपंच होंगे शामिल:
-पहले चरण के सरपंच सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से ढाका ग्राम पंचायत के प्रधान सत्य नारायण और खासलीपुर से राजेश कुमार शामिल होंगे। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के क्षेत्र रायबरेली के कक्केपुर ग्राम पंचयात से हरिकरन सिंह और टकिठामुसलेलपुर से अहितेंद्र प्रताप हिस्सा लेंगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के क्षेत्र अमेठी के पूरेशोहरत ग्राम पंचायत के प्रधान गौरव सिंह और कसथुनीपूरब के प्रधान सिवांशु प्रताप सिंह का चयन किया गया है।
विकास के उपायों पर होगा जोर:
-सरपंच सम्मेलन में बुलाई गई धौज गांव की सरपंच निजमा ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर महिला सशक्तिकरण, सरपंचों के अधिकार और कर्तब्य, पानी का सदुपयोग करने और गांवों में विकास कार्य कराने जैसे मुद्दों पर फोकस होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से गांवों का समुचित विकास करने में मदद मिलेगी।
पूर्व सरपंच और विशेषज्ञ देंगे विकास के ज्ञान:
-तीन दिवसीय इस सरपंच सम्मेलन में मंत्रालय ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, आसाम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, सिक्किम, गुजरात और तेलंगाना के उन पूर्व सरपंचों को प्रशिक्षण देने के लिए बुलाया गया है जिन्होंने अपने कार्यकाल में अपनी पंचायतों में विकास के उल्लेखनीय कार्य किए हैं। ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा ले चुकी और राजस्थान के राजसमन जिले के उपली वोडेन ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच राखी पालीवाल ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरी ग्राम पंचायत को सोशल मीडिया से जोड़कर लोगों को जुडने का मंच प्रदान किया था। इसके अलावा गांव में सफाई अभियान और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम किए थे। इसी लिए उन्हें प्रशिक्षण शिविर में बुलाया गया है ताकि वह अपने कार्य के अनुभव सरपंचों के साथ साझा कर सकें।