हाउसिंग स्कीम: एक फ्लैट पर 30 से अधिक आवेदन
डीडीए हाउसिंग स्कीम में शामिल होने का वक्त बुधवार को खत्म हो गया। अब लोगों को इंतजार है कि उनका फॉर्म डीडीए ने स्वीकृत किया या नहीं। फॉर्म जमा करने के अंतिम दिन भारी तादाद में फॉर्म जमा हुए। एक अनुमान के मुताबिक करीब 7.55 लाख से अधिक लोगों ने विभिन्न बैंकों में आवेदन किए हैं। हालांकि डिटेल रिपोर्ट अभी आनी है।
आवेदन करने के आखिरी दिन डीडीए मुख्यालय स्थित बैंकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आकड़े बताते हैं कि अंतिम दिन लोगों ने बढ़चढ़ कर आवेदन फार्म जमा किए। बुधवार को सुबह से शाम तक 1.35 लाख लोगों ने आवेदन किया। अब तक 17 लाख के करीब आवेदन फार्म बिके। हालांकि इस अनुपात में आवेदन फार्म काफी कम जमा हुए।
किस इलाके के फ्लैटों में ज्यादा लोगों ने रुचि ली
आवेदन फार्म जमा करने वाले मध्य वर्ग में सबसे ज्यादा रुचि रोहिणी, मुखर्जी नगर, द्वारका, लोकनायकपुरम, जसोला स्थित फ्लैटों को लेकर दिखी। वहीं निम्न मध्य वर्ग में वन रूम सेट वाले द्वारका और रोहिणी स्थित फ्लैटों को लेकर रही। दरअसल, इस श्रेणी के सबसे अधिक फ्लैट होने के कारण लोगों की उम्मीद सबसे ज्यादा है।
तेज गति से वाहन चलाना लापरवाही नहीं: कोर्ट
तेज गति से वाहन चलाने का मतलब लापरवाही या गफलत से वाहन चलाना नहीं है। यह टिप्पणी अदालत ने सड़क हादसे में मौत के मामले में आरोपी बस चालक को बरी करते हुए की है। बदरपुर इलाके में हुए हादसे में तिपहिया चालक की मौत हो गई थी।
साकेत जिला अदालत के एसीएमएम प्रीतम सिंह ने बस चालक राजपाल को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि किसी भी गवाह ने यह नहीं बताया कि तेज रफ्तार से उनका मतलब क्या है।
अदालत ने कहा कि मौके के साइट प्लान में घिसटने से बने टायरों के निशान को लेकर पुलिस ने उचित व वैज्ञानिक जांच नहीं की। जो साइट प्लान बनाया गया वह बेहद असंतोषजनक था। जिस आरोपी को लापरवाही से वाहन चलाकर किसी की जान लेने का दोषी ठहराया जा सकता था, वह संदेह का लाभ पाकर बरी हो रहा है।
अभियोजन के मुताबिक बदरपुर इलाके में चार जनवरी 2002 को बेहद तेज रफ्तार बस ने ऑटो को टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो काफी दूर तक घिसटता हुआ चला गया था। इस दौरान ऑटो चालक उमेश बस के पहियों के नीचे आ गया था जबकि ऑटो में बैठा हुआ यात्री जख्मी हो गया था।
डीटीसी बसों में 17 तक लग जाएंगे कैमरे
दिल्ली के राजघाट डिपो की 100 डीटीसी बसों में शुक्रवार तक सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के मुताबिक, पहले चरण में 200 बसों में कैमरे लगाने की योजना है। इसमें लो फ्लोर एसी और नॉन एसी बस शामिल हैं। इसके बाद सरोजनी नगर डिपो की बसों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।
नई दिल्ली से लखनऊ के लिए स्पेशल ट्रेन
त्योहारों के मौसम में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली-लखनऊ के बीच एसी स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन नई दिल्ली से (04438) 21, 22, 24, 25 और 26 अक्तूबर को चलेगी।
नई दिल्ली स्टेशन से दोपहर 1:50 बजे ट्रेन चलकर रात 10:05 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वापसी में लखनऊ से ट्रेन (संख्या 04437) 21, 22, 24, 25 और 26 अक्तूबर को सुबह 5:20 बजे चलेगी और दोपहर 1:20 बजे नई दिल्ली स्टेशन पहुंचेगी।
ट्रेन में 11 वातानुकूलित कुर्सीयान, एक एक्जीक्यूटिव वातानुकूलित कुर्सीयान लगी होगी। दोनों दिशाओं में ट्रेन बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद स्टेशन पर ठहरेगी।
राजधानी में खुला बिक रहा जहर, इससे बचें
राजधानी दिल्ली में मनाही के बाद भी तेजाब बिक रहा है। राजस्व विभाग ने दिल्ली में 13 ऐसे गोदामों को चिह्नित किया है जहां नियमों को ताक पर रखकर तेजाब की बिक्री की जा रही है। इसमें से नौ गोदामों पर जुर्माना भी लगाया गया है। विभाग के अधिकारियों ने राजधानी के 77 गोदामों निरीक्षण के दौरान यह कार्रवाई की।
राजस्व विभाग के सचिव एवं मंडलायुक्त ज्ञानेश भारती ने बताया कि नौ गोदामों पर कार्रवाई करते हुए 1.61 लाख रुपये की जुर्माना राशि वसूली की गई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी दुकानदार बिना लाइसेंस के न तो तेजाब स्टॉक कर सकता है और न ही उसे बेच सकता है। साथ ही उसी व्यक्ति को तेजाब बेचा जा सकता है जिसके पास फोटो वाला सरकारी पहचान पत्र हो, साथ ही उसे उद्देश्य भी बताना होगा।
दुकानदार को तेजाब के स्टॉक और बिक्री की जानकारी तीन दिन में स्थानीय पुलिस को देनी होगी जिसे बाद में उस इलाके के एसडीएम को सौंपनी होगी, ऐसा न करने पर दोषी दुकानदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना है।