दक्षिण जिले की साकेत थाना पुलिस ने 1990 के दशक की फिल्म अभिनेत्री और पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर की पत्नी फरहीन प्रभाकर से हुई लूटपाट की गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है। साकेत पुलिस ने मेरठ के ठक-ठक गिरोह के रिसीवर समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मेरठ से दिल्ली के लिए रोज सुबह सात बजे निकलते थे और सात या आठ वारदात कर वापस लौट जाते थे। बदमाशों की पहचान सी-31, देवलोक कॉलोनी, दिल्ली रोड (मेरठ) निवासी हरेन्द्र उर्फ हन्नी, गली नंबर-चार, शालीमार गार्डन, श्याम नगर (मेरठ) निवासी दानिश खान उर्फ चेतन, अल्ताफ चौक मकबरा डिग्गी (मेरठ) निवासी फहीम उर्फ भूत, मकबरा डिग्गी, थाना रेलवे रोड (मेरठ) निवासी एजाज और अल्ताफ चौक मकबरा डिग्गी (मेरठ) निवासी शहनवाज के रूप में हुई।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि पंचशील पार्क में परिवार के साथ रहने वाली फरहीन प्रभाकर 19 जनवरी को कार से साकेत स्थित डीएलएफ मॉल जा रही थी। मैक्स अस्पताल के सामने उनकी कार की गति धीमी थी, तभी कुछ युवकों ने कार के शीशों को थपथपाना शुरू कर दिया। फरहीन ने शीशा खोला तो एक युवक उन्हें गाली देने लगा, तभी इस युवक ने उनके सिर पर मुक्का मारकर मोबाइल छीन लिया। दूसरे युवक ने आगे की सीट पर रखा बैग उठा लिया।
इसके बाद बदमाश कैरिज्वे की तरफ भागे और दूसरी तरफ खड़ी कार में बैठकर फरार हो गए। किसी राहगीर ने बदमाशों की कार का नंबर नोट कर लिया था। मामला दर्ज कर साकेत थानाध्यक्ष केशव माथुर के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस को जांच में पता लगा कि बदमाशों की कार शास्त्री पार्क निवासी लक्ष्मी देवी के नाम रजिस्टर्ड है। लक्ष्मी देवी ने बताया कि उसने कार कौशल्या कुंज कॉलोनी (मेरठ) निवासी राजेन्द्र कुमार को वर्ष 2017 में बेच दी थी। जांच में पता लगा कि फरहीन के साथ मेरठ के ठक-ठक गिरोह ने वारदात की है। पुलिस टीम ने जांच के बाद रिसीवर समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
हरेन्द्र को सीलमपुर (दिल्ली) से, शहनवाज को मेरठ और बाकी तीनों को गंग नगर (मुरादनगर) से गिरफ्तार किया है। हरेन्द्र वैन चलाता है। फहीम व एजाज पीड़ित का ध्यान बंटाते थे। दानिश कार से सामान लूटता था और शहनवाज इन बदमाशों से चोरी व लूटपाट के मोबाइल खरीदता था।
किसी ने सहायता नहीं की
साकेत थाना पुलिस ने शुरू में चोरी का मामला दर्ज किया था। बाद में जब मीडिया ने मामला उठाया, तो पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा जोड़ दी थी। लूट की वारदात के बाद फरहीन को अस्थमा का अटैक आ गया था। वह रोड पर पड़ी रही थी, मगर किसी ने सहायता नहीं की थी।
रोज आठ मोबाइल लूटते थे
आरोपियों ने बताया कि वह कार चलाने वाले अकेले चालक को निशाना बनाते थे। वह ट्रैफिक लाइट पर कार में सामान या महंगे फोन को देख लेते थे। इसके बाद उस कार का पीछा कर वारदात को अंजाम देते थे। वह आठ मोबाइल रोज लूटते थे।
ब्लेड और चाकू साथ रखते थे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी चाकू व ब्लेड साथ लेकर चलते थे। अगर कोई पीड़ित ज्यादा विरोध करता था, तो उस पर हमला कर देते थे।