दिल्ली विधानसभा भंग हो चुकी है इसलिए पांचवीं विस सदस्यों का ग्रुप फोटो सेशन शुक्रवार को कराया गया। विधानसभा सचिवालय में 67 में से 61 विधायक पहुंचे। तभी एक विधायक बोले कि कोई खांसेगा नहीं। दूसरी तरफ से आवाज आई, मफलर संभाल लेना। इतना सुनकर हंसी के ठहाके लगे।
हद तो तब हो गई, जब भाजपा विधायक साहब सिंह चौहान ने सारी मर्यादाएं तोड़ते हुए पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। पास बैठे जगदीश मुखी मुस्कुरा रहे थे।
मामला यह था कि विधानसभा स्पीकर मनिंदर सिंह धीर के साथ की एक तरफ वाली कुर्सी पर जगदीश मुखी और दूसरी तरफ की कुर्सी पर पूर्व सीएम केजरीवाल के नाम का टैग लगा था।
जब केजरीवाल बैठने के लिए आए तो चौहान ने उनके नाम का टैग हटा कर फेंक दिया और कुर्सी पर बैठ गए। बाद में जब केजरीवाल वहां पहुंचे तब भी चौहान ने कुर्सी नहीं छोड़ी और मुखी व अपने बीच में ही बैठने के लिए थोड़ी-सी जगह दी।
केजरीवाल के अपमान के बाद भाजपा विधायक चारों तरफ घिर गए। हालांकि यह पहला मौका नहीं था, जब केजरीवाल का अपमान हुआ हो। ऐसा पहले भी हो चुका है।
इस अपमान के बाद भावुक हो गए थे
बीते 9 अप्रैल को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली में ही अरविंद केजरीवाल को एक ऑटो ड्राइवर ने जोरदार थप्पड़ मार दी थी। इससे केजरीवाल ने खुद को इतना अपमानित महसूस किया था कि अगले 75 मिनट तक मौन धारण कर लिया था और गांधी जी के समाधि स्थल राजघाट पर चले गए थे।
वह दिल्ली नांगलोई के किराड़ी इलाके में रोड शो कर रहे थे, अपनी खुली जीप में लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। लोग उन्हें माला पहना रहे थे। तभी एक शख्स ने पहले उन्हें माला पहनाया फिर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।
अरविंद केजरीवाल ने संवाददाताओं को बताया कि यह अब तक मुझपर पांचवां हमला है। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मैं यहां व्यवस्था परिवर्तन करने आया हूं। हिंसा से देश का हल नहीं निकलेगा।
जब कालिख पुती शर्ट में ही करते रहे प्रचार
लोकसभा चुनावों के दौरान ही जब केजरीवाल बनारस में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव प्रचार करने पहुंचे, तो वहां उन्हें न केवल भगोड़ा और कई तरह के अपशब्दों वाले पोस्टर दिखाए गए, बल्कि कालिख पोतने की कोशिश गई।
जब वो काशी विश्वनाथ मंदिर से बाहर निकल रहे थे, तो दो लड़कों ने उन पर अंडे फेंकने की भी कोशिश की। लहुराबीर में काली रंग की स्याही फेंकी गई। इससे आहत केजरीवाल ने उस शर्ट को नहीं उतारा और काली रंग स्याही फेंके गए शर्ट में ही पूरा रोड शो किया।
तब केजरीवाल ने कहा कि "मैंने इस्तीफा दिया, तो बोले केजरीवाल भगोड़ा है। रेल हादसा हुआ, तो लाल बहादुन शास्त्री ने इस्तीफा दे दिया था। भाजपा होती, तो कहती है कि शास्त्री भगोड़ा हैं।"
जब अपने ही कार्यकर्ता ने जड़ दिया था मुक्का
लोकसभा चुनाव के दौरान ही 4 अप्रैल को दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में एक शख्स अचानक उनकी गाड़ी पर चढ़ गया और तेजी से हाथ घुमाया। यह मुक्का केजरीवाल की गर्दन पर लगा।
हमले के बाद अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उन्हें बहुत तेज मुक्का मारा गया। बाद में पता चला कि वह पहले आम आदमी पार्टी का ही कार्यकर्ता था।
इससे पहले 28 मार्च को हरियाणा के भिवानी में रोड शो के दौरान खुद को अन्ना समर्थक बताने वाले युवक ने केजरीवाल की जीप पर चढ़कर उनकी गर्दन पर वार किया था। यूं तो उन पर हमले की बात गुजरात में भी हुई थी, लेकिन तब उन्होंने अपमान महसूस नहीं किया था।