रोहिंग्या मुस्लिम और बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट के जरिये मध्य एशिया के देशों में भेजने वाले मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट यूनिट ने इस मॉड्यूल में शामिल दो बांग्लादेशी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पकड़े गए बांग्लादेशियों का आतंकी संगठन हरकत उल जिहाद उल इस्लामी (हूजी) से संबंध हैं। इनके पकड़े जाने से हवाला रैकेट का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने भारतीय पासपोर्ट पर विदेश जाने वालों के आईएसआईएस से संबंध होने से भी इंकार नहीं किया है।
ऑपरेशन के विशेष आयुक्त एस सुंदरी नंदा ने बताया कि आईजीआई एयरपोर्ट यूनिट को खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली कि दिल्ली में कुछ बांग्लादेशी सक्रिय हैं जो रोहिंग्या मुस्लिम और वहां के नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट के जरिए मध्य एशिया के देशों में भेजते हैं।
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सउदी अरब के देशों का वीजा का इंतजाम करते हैं
जांच में पता चला कि बांग्लादेशी नागरिक शौकत अली दिल्ली मॉड्यूल का सरगना है और दक्षिण दिल्ली से इसे संचालित करता है। इसके बाद पुलिस ने शौकत अली(39) को सराय काले खां से गिरफ्तार कर लिया।
शौकत अली वर्ष 2008 से सराय काले खां में मच्छरदानी बनाने की फैक्टरी चलाता है। पुलिस ने शौकत की निशानदेही पर उसके भतीजे सुलेमान(23) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि गांव लिसदी खुर्द जिला अमरोहा उत्तर प्रदेश निवासी सद्दाम हुसैन (21) और ओखला निवासी मोहम्मद इबने सुल्तान(64) सउदी अरब के देशों का वीजा का इंतजाम करते हैं।
वीजा लगने पर उसे गैर कानूनी तरीके से बांग्लादेश भेज देता था
इबने सुल्तान सराय जुलेना में मैनपावर एजेंसी चलाता है। वहीं संगम विहार निवासी अमितबोध झा सराय जुलेना में कूरियर ऑपरेटर का काम करता है और कोलकाता से पासपोर्ट को दिल्ली लाता है।
इसके बाद उसपर वीजा लगने पर उसे गैर कानूनी तरीके से बांग्लादेश भेज देता था। इस सूचना पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को इनके पास से दो फर्जी भारतीय पासपोर्ट मिले हैं जो बांग्लादेशी नागरिकों के लिए बनाए गए थे, जिसमें सऊदी अरब का पासपोर्ट लगा हुआ था। वहीं 25 भारतीय पासपोर्ट मिले हैं, जिसमें 23 में सऊदी अरब का वीजा लगाया गया था।
मॉड्यूल के काम करने का तरीका
जिन लोगों को विदेश भेजना होता था, बांग्लादेशी मॉड्यूल उन लोगों की सारी जानकारी शौकत अली को भेजता था। शौकत उसे कोलकाता में मोहम्मद हाफिज शेख और इमाम चौधरी को भेजता था।
दोनों बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या मुस्लिम के ब्यौरे को डालकर भारतीय पासपोर्ट तैयार करते थे। इसके बाद पासपोर्ट कूरियर के मार्फत वापस शौकत शेख को भेज देते थे। शौकत इन सभी पासपोर्ट को सद्दाम के पास भेजता था।
जो इन पासपोर्ट पर सऊदी अरब के देशों का वीजा लगाने के लिए कागजात तैयार करता था। कागज तैयार होने के बाद वह उसे इबने सुल्तान के पास भेजता था। जो सऊदी अरब के दूतावास में जाकर उसमें वीजा लगवाता था। वीजा लगने के बाद मॉड्यूल उसे अमित के मार्फत गैरकानूनी तरीके से कूरियर के जरिए बांग्लादेश भेज देता था।
हवाला के जरिये मिलते थे रुपये
जांच में पता चला कि मॉड्यूल एक पासपोर्ट पर डेढ़ से दो लाख रुपये लेता था। रुपये का आदान-प्रदान पुरानी दिल्ली में हवाला के जरिये होता था।
सुलेमान हवाला ऑपरेटर से शौकत अली के नाम पर रुपये लेता था। उसके बाद मॉड्यूल का सरगना उसे सभी सदस्यों में बांट देते थे। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली मॉड्यूल का सरगना शौकत अली हैदराबाद मॉड्यूल के नूर उल हक के संपर्क में था, जिसे हैदराबाद पुलिस ने 9 सितंबर को हूजी के संपर्क में होने की वजह से गिरफ्तार किया था।
नूर उल हक रोहिंग्या मुस्लिम है और उस पर आरोप है कि वह आतंकी संगठन हूजी के लिए काम करता था।
हैदराबाद मॉड्यूल का मोहम्मद इबने सुल्तान दिल्ली मॉड्यूल के लिए भी काम करता था। वहीं कोलकाता पुलिस ने भी 7 जनवरी को कोलकाता मॉड्यूल के बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हफीज शेख को गिरफ्तार किया था।
जांच में पता चला है कि शौकत अली करीब दो साल से इस मॉड्यूल को चला रहा था। उसके मुताबिक वह महीने में करीब बीस बांग्लादेशी नागरिक और रोहिंग्या मुस्लिम को भारतीय पासपोर्ट मुहैया करवाता था।
उसके मुताबिक वह इन नागरिकों के लिए सऊदी अरब में काम व किसी समारोह में जाने के बहाने वीजा लगवाता था।