शालीमार गार्डन के श्रेया अस्पताल में शनिवार को एक बच्ची की लापरवाही से मौत के बाद एक और बड़ा आरोप लगा है। आरोप है कि शनिवार दोपहर बुखार से पीड़ित एक 11 वर्षीय बच्ची का शाम को ब्लड टेस्ट किया गया, तो प्लेटलेट्स काउंट 47 हजार निकला।
आनन-फानन में अभिभावक बच्ची को दिल्ली के स्वामी दयानंद (जनरल) अस्पताल ले गए। वहां टेस्ट हुआ तो प्लेटलेट्स एक लाख पचपन हजार निकलीं।
बच्ची को तुरंत डिस्चार्ज भी कर दिया गया। गुस्साए परिजनों ने रविवार रात को अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा काटा।
जनकपुरी सी ब्लॉक निवासी रणवीर सिंह राणा की 11 वर्षीय बेटी श्वेता दो दिन से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार दोपहर को वह बेटी को शालीमार गार्डन स्थित श्रेया अस्पताल ले गए और भर्ती कराया।
शाम करीब छह बजे उसका ब्लड टेस्ट किया गया, तो रिपोर्ट में प्लेटलेट्स काउंट 47 हजार आया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची को तुरंत आईसीयू में एडमिट करने को कहा। इस दौरान परिजनों ने उसे रेफर करने की मांग की।
रेफर करवाकर जब दिल्ली के स्वामी दयानंद अस्पताल में उसकी जांच हुई, तो प्लेटलेट काउंट एक लाख पचपन हजार आया। डॉक्टरों ने दवा लिखकर उसे डिस्चार्ज भी कर दिया।
इसके बाद गुस्साए परिजन श्रेया अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा काटा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही बच्ची के पूरी तरह ठीक होने के बाद पुलिस और प्रशासन से भी शिकायत करने की बात कही।
अस्पताल के डायरेक्टर डा.डीपी मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट में गड़बड़ी होने का प्रश्न ही नहीं उठता। सावधानी बरतते हुए बच्ची को आईसीयू में भर्ती कराया जा रहा था। आरोप निराधार हैं।