दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर बने सिरहौल टोल प्लाजा का ढांचा पूरी तरह हटने में अभी डेढ़ माह का वक्त और लगेगा। टोल कंपनी की ओर से पैच वर्क पूरा होने का काम बाकी है, जिससे गुजरने वाले लाखों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
छह माह पहले से एक्सप्रेस वे के रखरखाव का जिम्मा स्क ाई लार्क के पास है। सिरहौल टोल प्लाजा समाप्त होने के बाद उसके ढांचे को हटाने का निर्देश जारी हो चुका है। इसके लिए जिला प्रशासन से लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से भी आदेश हो चुके हैं। टोल कंपनी ने कहने के लिए ढांचा हटाने का काम शुरू कर दिया है मगर मौके पर ढांचा खड़ा है। अब कंपनी की ओर से ढांचा हटाने में 45 दिन का समय और लगने की बात कही जा रही है।
एक्सप्रेस-वे की लाइट बंद पड़ी है
दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर लगी लाइट बंद पड़ी है, जिससे हमेशा वाहन दुर्घटना का भय बना रहता है। कंपनी प्रबंधन की बात मानें तो लाइट ठीक कराने के लिए एक साथ बड़ी मशीन मंगाई जाती है, जिसके बाद काम पूरा होता है। ऐसे में लाइट ठीक होने में थोड़ा समय लगता है।
इंट्री व निकासी प्वांइट पर हादसे की आशंका
कहने के लिए एक्सप्रेस वे पर पैच वर्क का काम चल रहा है। काम करने वालों की ओर से बीच-बीच में सड़क का अलग-अलग हिस्से का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन किसी भी प्वाइंट पर काम पूरा नहीं है। गुड़गांव में प्रवेश के बाद पड़ने वाले सभी पांच फ्लाई ओवर पर चढ़ने व उतरने के लिए बने मार्ग पर मुख्य मार्ग व सर्विस रोड के बीच में जुड़ाव नहीं है। इसकेे चलते तेजी से आने वाले वाहन इस प्वांइट पर अचानक अनियंत्रित होने लगते हैं।
गुड़गांव सोहना मार्ग पर डिवाइडर खतरनाक
प्रदेश सरकार की ओर से गुड़गांव-सोहना मार्ग पर स्थित टोल को हटा दिया गया। कैबिनेट की बैठक के बाद हुए नोटिफिकेशन से टोल बंद हो गया। ठेकेदार की ओर से वसूली करने वाले प्वाइंट से छतरी हटा ली गई है। मगर इस स्थान पर वाहन को लेन से निकलने के लिए बने ढांचे अभी भी खड़े हैं। जो वाहन दुर्घटना को दावत दे रहे हैं।