- 3.55 किमी हिस्से में सड़क चौड़ीकरण की तैयारी, 17 पेड़ काटे जाएंगे और 27 का होगा प्रत्यारोपण
- 44 पेड़ों के बदले लगाए जाएंगे 440 पौधे, एक साल तक होगी देखरेख
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा रहता है, उन्हीं में शामिल मदनपुर खादर से जैतपुर के बीच यमुना पुश्ते की सड़क चौड़ी करने की तैयारी है। करीब 3.55 किलोमीटर हिस्से में प्रस्तावित काम के लिए 44 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें 17 पेड़ों को काटने और 27 को प्रत्यारोपित करने का प्रावधान किया गया है। इनके बदले 440 नए पौधे लगाए जाएंगे।
मदनपुर खादर-जैतपुर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा पहले भी सामने आ चुका है। जुलाई 2023 में यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने पर जैतपुर की विश्वकर्मा कॉलोनी समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया था। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, जैतपुर में करीब 770 लोगों को एनडीआरएफ ने बचाया था, जबकि करीब 875 लोगों को मदनपुर खादर और जैतपुर के राहत शिविरों में रखा गया था।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने पेड़ों से संबंधित काम के लिए 28.04 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। यमुना के दाएं सीमांत तटबंध पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों को हटाकर प्रत्यारोपित किया जाएगा।
दो किमी तक ले जाकर लगाए जाएंगे पेड़-
प्रत्यारोपित होने वाले पेड़ों को मौजूदा स्थान से अधिकतम दो किलोमीटर दूर निर्धारित जगह पर लगाया जाएगा। इसके लिए जड़ों की तैयारी, पेड़ को सुरक्षित तरीके से निकालने, परिवहन और दोबारा रोपने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
440 पौधे लगाने का प्रावधान-
विभाग 44 प्रभावित पेड़ों के बदले 440 पौधे लगाएगा। पौधों की सुरक्षा और देखरेख एक साल तक की जाएगी। किसी पौधे के सूखने पर उसे बदलना होगा और सर्वाइवल रिपोर्ट भी देनी होगी। टेंडर में पेड़ों से जुड़ा काम 20 दिन में पूरा करने और इसके बाद 360 दिन तक रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई है।